गुरुग्राम। हर बार की तरह इस बार भी दिवाली के बाद प्रदूषण ने रफ्तार पकड़ ली है। स्थिति यह है कि दिवाली के अवसर पर हुई आतिशबाजी के तीन दिन बाद भी शहर की आबोहवा जहरीली बनी हुई है। हालांकि, प्रदूषण के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि एक दिन पहले के मुकाबले एक्यूआई में 37 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है। शनिवार को शहर का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 456 था जो रविवार को कम होकर 419 दर्ज किया गया। इसमें भी टेरी ग्राम इलाके में प्रदूषण सबसे ज्यादा रहा।
टेरी ग्राम में शाम 7 बजे एक्यूआई 433 एसपीएम (सस्पेंडेड पर्टिकुलर मैटर) दर्ज किया गया। इसी तरह सर्वाधिक प्रदूषण के मामले में विकास सदन दूसरे व ग्वाल पहाड़ी तीसरे स्थान पर रहा। विकास सदन में एक्यूआई 410 व ग्वाल पहाड़ी में 402 दर्ज किया गया। खास बात यह है कि आम तौर पर सबसे ज्यादा प्र दूषित रहने वाले सेक्टर-51 इलाके में रविवार को प्रदूषण कम रहा और यहां पर एक्यूआई 344 दर्ज किया गया। हालांकि, दिन के मुकाबले शाम को हवाओं की गति बढ़ने से प्रदूषण में कमी आई और एक्यूआई में गिरावट दर्ज की गई।
410 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंची पीएम-2.5 की मात्रा :
वातावरण में प्रदूषण बढ़ने के साथ ही पीएम-2.5 व पीएम-10 जैसे हानिकारक कणों की मात्रा भी तेजी से बढ़ी है। पीएम-2.5 की औसत मात्रा 30 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होनी चाहिए लेकिन रविवार को इसकी औसत मात्रा बढ़कर 410 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गई। वहीं, पिछले पखवाड़े भर में तापमान में भी तेजी से गिरावट देखने को मिली है।
तापमान में गिरावट भी वजह :
स्थिति यह है कि पिछले एक सप्ताह में ही अधिकतम तापमान में 8 व न्यूनतम तापमान में 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते भी प्रदूषण में इजाफा हो रहा है। रविवार को अधिकतम तापमान 26.5 व न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि दो सप्ताह पहले 24 अक्तूबर को अधिकतम तापमान 34.5 व न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।