गुरुग्राम। बैंकों से धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार आरटीआई कार्यकर्ता हरिंद्र धींगड़ा को जाली दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले पत्रकार शहनवाज को कोर्ट ने बुधवार को न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल में भेज दिया है। शहनवाज की रिमांड कोर्ट ने मंजूर नहीं की। हालांकि इस मामले में हरिंद्र धींगड़ा के दोनों बेटे प्रशांत व तरुण की छह दिन की पुलिस रिमांड अभी चल रही है। पुलिस दोनों से राज उगलवाने के साथ खातों का मिलान कर रकम का हेरफेर कर की गई धोखाधड़ी को उजागर करने का प्रयास कर रही है।
आरटीआई एक्ट का गलत इस्तेमाल कर अधिकारी व व्यापारियों से पैसे ऐंठने वाले हरिंद्र धींगड़ा को जाली दस्तावेज उपलब्ध करने व हरिंद्र की प्रशंसा में फर्जी लेख लिखने के आरोपी पत्रकार शहनवाज को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर बुधवार कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उसकी रिमांड नामंजूर कर उसे न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेज दिया। आरोपी पत्रकार शहनवाज से पुलिस ने हुड्डा विभाग की दो फर्जी मुुहर भी गिरफ्तारी के समय ही बरामद की थीं। हरिंद्र धींगड़ा के लिए सभी अवैध काम करने के बदले में सहनवाज उससे मोटी रकम वसूलता था। पुलिस शहनवाज, हरिंद्र धींगड़ा व उसके दोनों बेटों के खातों का मिलान कर साक्ष्य तलाश रही है। धींगड़ा के बेटों से रिमांड में सख्ती से पूछताछ की जा रही है।