गुरुग्राम के राजेंद्र पार्क के चौहरे हत्याकांड में रविवार देर शाम को पूर्वांचल समाज के लोगों ने शहर के कमला नेहरू पार्क से शहीद स्मारक तक कैंडल मार्च निकाला। मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। वहीं इस मामले में हत्यारे को फांसी देने व मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की। मृतकों के परिजनों ने पुलिस जांच से संतुष्ट न होते हुए मामले में सीबीआई की जांच की मांग की।
हत्याकांड में मारे गए पूर्वांचल के कृष्णकांत तिवारी, पत्नी अनामिका तिवारी व उनकी बड़ी बेटी के लिए पूर्वांचल के प्रवासी एकता मंच, पूर्वांचल जनकल्याण संघ, राजेंद्र प्रसाद फाउंडेशन जन सेवा समिति, छठ पूजा समिति बसई, सर्वोदय पूर्वांचल विकास मंच सहित विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों ने कैंडल मार्च निकाला।
मार्च में समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए। हाथों में कैंडल व वी वांट जस्टिस के बैनर लिए चल रहे लोगों के चेहरे पर दुख व आक्रोश साफ झलक रहा था। लोगों का कहना था कि मामले की जांच सही से नहीं की जा रही है, इसे सीबीआई को सौंपना चाहिए।
आरोप को फांसी के फंदे तक पहुंचाने का काम किया जाना चाहिए। वहीं हत्याकांड में गंभीर रूप से घायल हुए कृष्णकांत की छोटी बेटी विधि के लिए प्रशासन को आगे आकर मुआवजे व देखरेख की अन्य जरूरतों पर बयान देना चाहिए।
न्याय मिलने तक चैन से नहीं बैठेंगे:
कैंडल मार्च में मृतक कृष्णकांत के भाई सौरभ शुक्ला का कहना था कि इतने बड़े हत्याकांड को कोई एक आदमी अंजाम नहीं दे सकता। पुलिस की जांच इस मामले में गुमराह कर रही है। हत्याकांड में अन्य लोग भी शामिल हैं, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। जब तक न्याय नहीं मिल जाता हम लोग चैन से नहीं बैठेंगे। मार्च में पूर्वांचल के बीके मिश्रा, संत कुमार, बीएन लाल, उपेंद्र राय, बीएन राय, छोटे लाल, धमेंद्र मिश्रा, प्रदीप कन्नौजिया, रणधीर राय, सतेंद्र सिंह, अटल विहारी कुशवाहा, सुभाष दुबे, राजेश पटेल आदि भी शामिल रहे।
विधि की हालत स्थित, लेकिन होंगी सर्जरी:
हत्याकांड में घायल पांच साल की विधि की हालत सफदरजंग अस्पताल में स्थिर बनी हुई है। हालांकि उसकी आंख व माथे पर लगी गहरी चोटों के लिए अभी दो सर्जरी की जाएंगी। बच्ची की हालत को लेकर उसके मामा अमित शुक्ला ने बताया कि वह बहुत सहमी हुई है। अंजान लोगों से डर जाती है। वह अभी भी साफ नहीं बोल पा रही है। डाक्टरों ने उसके पास ज्यादा लोगों के आने पर प्रतिबंध लगा रखा है। बच्ची के भविष्य को लेकर सभी चिंतित हैं।