गुरुग्राम। गारमेंट कंपनी के लीगल हेड ने अपने कर्मचारी पर 83 लाख रुपये गबन का आरोप लगाया है। कंपनी का कहना है कि करीब चार महीने नौकरी कर आरोपी ने इस्तीफा देकर चला गया। बाद में पता चला कि काफी वेंडरों की पेमेंट आरोपी ने नहीं किया है। कंपनी के दस्तावेज और बैंक स्टेटमेंट की जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इसके बाद सेक्टर-65 थाना ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार यह शिकायत गारमेंट कंपनी बीबा प्राइवेट लिमिटेड के लीगल हेड सचिन अग्रवाल ने दी है। उन्होंने अपने पूर्व कर्मचारी नीरोद कुमार राउत पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया गया है। कंपनी का कार्यालय सेक्टर-59 गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड स्थित कैपिटल साइबर स्पेस बिल्डिंग में है। पूरे देश में कंपनी के 300 से अधिक स्टोर हैं। आरोपी कर्मचारी ओडिशा के बलेश्वर का मूल निवासी है। इस समय दिल्ली के संगम विहार में रहता है। 25 दिसंबर को कंपनी ने उसे अकाउंट्स शाखा में नौकरी पर रखा गया था। स्टोर के खर्चों, किराया, बिजली बिल, वेंडरों की पेमेंट करने की जिम्मेदारी उसके पास थी। कंपनी के दस्तावेज में ये दर्ज कर एक शीट भी तैयार करनी होती थी जिसमें सभी पार्टी को भुगतान का ब्योरा लिखता था। कंपनी से सभी ब्योरा बैंक को भी उसे ही भेजनी होता था। लेकिन 3 मार्च को आरोपी ने निजी कारण बताकर नौकरी से इस्तीफा दे दिया। कंपनी ने भी उसे मुक्त भी कर दिया। इसके बाद पता चला कि काफी वेंडरों का भुगतान लंबित है।
जांच करने पर पाया गया कि सिस्टम में तो पेमेंट बुक की गई थी लेकिन बैंक में वह एंट्री नहीं थी। आरोपी ने कंपनी के सिस्टम में तो इन पार्टी के नाम से पेमेंट दर्ज की। लेकिन बैंक को भेजी गई डिटेल में इनके खातों की डिटेल बदलकर अपने खाते की डिटेल दे दी। कुल 83 लाख 61 हजार रुपये की पेमेंट इस तरह से आरोपी ने एसबीआई के एक खाते में ट्रांसफर करा ली। कंपनी ने संदेह जताया है कि आरोपी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर ये फर्जीवाड़ा किया है।