पुलिस ने दो अलग एफआईआर की दर्ज, गिरफ्तारी के लिए दी जा रही दबिश
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। चुनावी रंजिश को लेकर जैंवत गांव में दो गुटों के बीच हुए झगड़े में पुन्हाना पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं। दोनों मुकदमों में 42 लोगों को नामजद किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुन्हाना पुलिस लगातार गांव में दबिश दे रही है। अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। झगड़े में हुई फायरिंग में एक बच्चे के गुप्तांग में गोली लगी, जिसका इलाज दिल्ली के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। फिलहाल गांव में हालात सामान्य हैं।
पुन्हाना थाना प्रभारी जंगशेर सिंह ने बताया कि जैंवत गांव में हुए झगड़े में दो अलग-अलग शिकायत मिली हैं। पहली शिकायत गांव के ही इलियास पुत्र रहमान ने दर्ज कराई जिसमें उसने बताया कि झगड़े का शोर शराबा सुनकर जब वो घर से बाहर आए तो देखा की मुबारिक, जाउल हक, हाकम, मुजाहिद अपने साथियों के साथ हाथों में लाठी डंडे, देशी कट्टे, अवैध बंदूक वगैरह लेकर सड़क पर थे, जिन्हें देखकर वो घर के अंदर चले गए। कमरे को अंदर से बंद कर वो 13 वर्षीय पौत्र अनस पुत्र फारुख के साथ बैठे थे, जो अचानक नीचे गिर गया। आरोपियों ने घर के बाहर से फायरिंग शुरू कर दी, जिनमें से एक गोली अनस को जा लगी। अनस को गंभीर हालत में पुन्हाना के सिविल हॉस्पिटल लेकर गए, जहां डॉक्टरों से उसे ट्रॉमा सेंटर दिल्ली के लिए रेफर कर दिया। पुन्हाना पुलिस ने शिकायत पर 15 नामजद लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
वहीं, दूसरी शिकायत में बलवंत पुत्र गोपीचंद ने बताया कि रविवार को सुबह दस बजे के करीब वो गांव के ही मौसम पुत्र राजू के साथ बाइक से पुन्हाना जा रहे थे जब वो मुबारिक के घर के पास पहुंचे तो इरफान, इरशाद व अलताफ ने उनका रास्ता रोककर जातिसूचक शब्दों से संबोधित कर गाली गलौज की। इतना ही नहीं आरोपियों ने दोनों के साथ मारपीट करते हुए उन्हें बाइक से खींचकर अपने घर की ओर ले गए और अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट की। आरोप है कि दोनों के जेब से आठ हजार रुपये, सोने की चेन सहित बाइक छीन ली। किसी तरह वो जान बचाकर भागे तो आरोपियों ने उन पर जान से मारने की नियत से फायर किया, जिसमें वो किसी तरह बच गए। मामले में 27 नामजद सहित 10 अन्य लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट सहित एससी-एसटी एक्ट व अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
मतदान केंद्र से सुलगी झगड़े की चिंगारी
मतदान केंद्र पर गांव के अनुसूचित जाति के बलवंत को चंद्रशेखर आजाद की पार्टी से बूथ एजेंट बनाया था। बताया जा रहा है कि मतदान के दौरान गांव के ही इरशाद व इरफान ने बलवंत को डराया धमकाया और मतदान के बाद उसे देख लेने की धमकी दी। अनुसूचित जाति के लोगों ने आरोप लगाया कर आरोपी अपने नेता के पक्ष में मतदान के लिए उन पर दबाव बना रहे थे।