गुरुग्राम। शहर के लेजर वैली मैदान में शनिवार की शाम से हस्तशिल्प का बाजार सज गया। प्रदेश के पंचायत एवं विकास मंत्री देवेंद्र बबली ने आठ साल बाद गुरुग्राम में सरस मेले का शुभारंभ किया। उनके साथ आजीविका मिशन की सीईओ अमरिंदर कौर, ग्रामीण विकास विभाग गुरुग्राम की सीईओ अनु श्योकंद भी रहीं। मेला 20 अप्रैल तक चलेगा। हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (एचएसआरएलएम) की ओर से लगाए गए मेले में स्वयं सहायता समूहों के ग्रामीण कारीगरों की पारंपरिक कला और उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री होगी। पहले दिन यहां आने वाले लोगों ने हरियाणवी फैंसी आइटम व परिधानों में विशेष रुचि दिखाई।
खास बात यह है कि मेला शक्ति के स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की कहानी बयां कर रहा है। यहां अधिकांश स्टॉलों पर महिलाएं का हुनर साफ दिखाई दे रहा है। मेले में प्रदेश व देश के अन्य राज्यों के करीब 150 स्टॉल लगाए गए हैं। इनमें उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, ओडिशा, आंध्रप्रदेश, बिहारी, उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्पकार शामिल हैं। हरियाणा के सभी जिला के स्वयं सहायता समूह इसमें शामिल हैं।
संस्कृतियों को समझने का संगम है मेला
इस मौके पर मंत्री देवेंद्र बबली ने मेले में लगे स्टॉलों का अवलोकन किया और हाथ से निर्मित उत्पादों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि हस्तशिल्प मेले न केवल अपने हुनर को प्रदर्शित करने का मौका प्रदान करते हैं बल्कि एक-दूसरे की संस्कृति को समझने का अवसर भी प्रदान करते हैं। यह एक तरह से संगम है जो एक दूसरे की संस्कृति और सभ्यता के आदान-प्रदान का मौका देता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आजीविका मिशन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अग्रसर है। इस मौके पर गुुरुग्राम की जिला प्रबंधक दीप्ति ढींढसा भी मौजूद रहीं।