गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के ज्ञानवर्धन के साथ ही रोचक व प्रेरणा देने वाली किताबों को पुस्तकालयों में रखने के आदेश जारी किए हुए हैं लेकिन शिक्षा विभाग की लचर कार्यप्रणाली के कारण हरियाणा राज्य के सरकारी स्कूलों में समय पर पुस्तकालयों में पुस्तकें नहीं पहुंच पा रही हैं। ऐसे में इन पुस्तकालयों का फायदा बच्चों को नहीं मिल पाता। सरकारी स्कूलों में नेशनल बुक ट्रस्ट और एनसीईआरटी की ओर से पुस्तकालयों में किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं लेकिन बीते 2 शैक्षणिक सत्रों से हरियाणा के सरकारी स्कूलों में यह किताबें नहीं पहुंची हैं।
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा नेशनल बुक ट्रस्ट और एनसीईआरटी के माध्यम से हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पुस्तकालयों की किताबें उपलब्ध कराई जाती हैं। जिसमें पहली से 12वीं कक्षा के पाठ्यक्रमों से संबंधित किताबें होती हैं, ताकि स्कूल का कोई भी छात्र अपने नाम से किताब पुस्तकालय से निकलवाकर पढ़ाई कर सके। लेकिन बीते 2 शैक्षणिक सत्र 2019-20 और 2020-21 में सरकारी स्कूलों के पुस्तकालयों में किताबें नहीं पहुंची हैं। हालांकि, पिछलेे दिनों शैक्षणिक सत्र 2020-21 के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों के पुस्तकालयों में नेशनल बुक डिपो की ओर से पहली से पांचवीं कक्षा की किताबें भेजी गई थी। लेकिन छठी सेे 12वीं कक्षा की किताबों और शैक्षणिक सत्र 2019-20 की पहली से 12वीं कक्षा की किताबों को लेकर स्वयं शिक्षा विभाग के जिला परियोजना अधिकारी को जानकारी नहीं है कि ये किताबें कब तक स्कूलों के पुस्तकालयों में पहुंचेंगी।
गुरुग्राम जिले की बात करें तो यहां पर कुल 578 सरकारी स्कूल हैं, जिसमें 368 प्राथमिक स्कूल, 83 मिडिल स्कूल, 32 माध्यमिक स्कूल औैर 95 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल शामिल हैं। स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2019-20 में एनसीईआरटी की ओर से मिलने वाली किताबें नहीं पहुंची हैं। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2020-21 में नेशनल बुक ट्रस्ट की ओर सेे छठी सेे 12वीं कक्षा की किताबें नहीं भेजी गई हैं। (संवाद)
कोट
नेशनल बुक ट्रस्ट और एनसीईआरटी की ओर से पुस्तकालयों की किताबेें गुरुग्राम भेजी जाती हैैं, जिनको हरियाणा के अन्य जिलों में भेज दिया जाता है। बीते दो वर्षों से पुस्तकालयों की किताबें नहीं आ रही। पिछले दिनों पहली से पांचवीं कक्षा की किताबें आई थी, जिनको स्कूलों में भिजवा दिया गया था।
- संगीता चौधरी, जिला परियोजना संयोजक, गुरुग्राम।