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नागरिक अस्पताल में आपातकालीन वार्ड में बेड फुल

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गुरुग्राम। जिले के शासकीय व निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। नागरिक अस्पताल में स्थिति ज्यादा खराब है। आपातकालीन वार्ड में बेड फुल हो गए हैं। हालात यह हैं कि मरीजों को वार्ड के बाहर बरामदे में लेटाकर ड्रिप चढ़ाकर इलाज किया जा रहा है। वहीं, ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज की उचित व्यवस्था नहीं है।
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वायरल बुखार का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण इलाकों के उपमंडल अस्पतालों से लेकर सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में रोजाना मरीजों की भारी भीड़ लग रही है। मरीजों की संख्या में लगातार बढ़त होने से आपातकालीन वार्ड में भी बेड भर गए हैं। इसके चलके शुक्रवार को वार्ड के बाहर बरामदे में मरीज को लेटाकर इलाज किया जाता रहा।
झाड़सा निवासी लक्ष्मण को उल्टी-दस्त की शिकायत थी। परिजन उसे लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचे, जहां आपातकालीन वार्ड में बेड फुल थे। लक्ष्मण ही हालत ठीक नहीं थी, जिसको देखते हुए डॉक्टरों ने उनको बरामदे में स्लैब पर लेटाकर ड्रिप लगा दी। हालांकि, बाद में बेड खाली होने पर शिफ्ट कर दिया गया।
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रोजाना आ रहे 2 हजार मरीज
सभी विभागों को मिलाकर सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल में रोजाना औसतन 2 हजार मरीज आ रहे हैं। इसमें से 60 फीसदी से ज्यादा मरीज बुखार, जुकाम व गले से संबंधित समस्याओं हैं। डॉक्टरों व आपातकालीन वार्ड में कार्यरत स्टाफ ने बताया कि अक्तूबर की शुरुआत के साथ ही मरीजों की संख्या कम होेने लगती है।
डेंगू के अब तक 17 मामले
डेंगू व मलेरिया की नोडल अधिकारी डॉ. सुधा गर्ग ने बताया कि अभी तक जिले में डेंगू व मलेरिया की जांच के लिए 950 नमूने लिए गए हैं। इसमें से करीब 90 फीसदी नमूनों की जांच रिपोर्ट आ गई है। जिसमें से 17 मरीजों में डेंगू व 1 में मलेरिया की पुष्टि हुई है। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए सप्ताह में एक दिन ड्राई डे मनाया जा रहा है तो वहीं नगर निगम की तरफ से भी फॉगिंग व जागरूकता के लिए कवायदें की जा रही हैं।
वर्जन-
बारिश के बाद से ही मरीजों की संख्या बढ़ी है। लेकिन सभी को उचित इलाज दिया जा रहा है। आपातकालीन वार्ड में भी पर्याप्त संख्या में चिकित्सक व अन्य स्टाफ काम कर रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने पर बेड की कमी रहती है लेकिन जैसे ही बेड खाली होता है, मरीजों को शिफ्ट किया जाता है। मरीजों की संख्या को देखते हुए ही 60 बेड का एक अलग वार्ड बनाया जा रहा है। - डॉ. मनीष राठी, चिकित्सा अधीक्षक, सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल
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