गुरुग्राम। जिले में अवैध कॉलोनियों और दूसरे निर्माण पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। सभी विभाग मिलकर बेहतर रणनीति के तहत अब अवैध निर्माण को रोकने की कवायद करेंगे। इसी पर मंथन करने के लिए उपायुक्त डॉ. यश गर्ग की अध्यक्षता में टास्क फोर्स की बैठक हुई, जिसमें नगर योजनाकार, पुलिस, नगर निगम , पंचायत सहित अन्य संबंधित विभागों को आपसी तालमेल बनाकर इससे निपटने का मंत्र दिया गया। बैठक में लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में नियमों के विरुद्ध अतिरिक्त फ्लोर बनाने का मामला भी रखा गया, जिस पर उपायुक्त ने टाउन कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारियों को सख्ती करने के निर्देश दिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अगर कोई शहर की सड़कों, फूटपाथ आदि पर अतिक्रमण करता है तो उसे हटाने का खर्च अतिक्रमण करने वाले से वसूला जाएगा। यदि खर्च की राशि जमा नहीं करवाई जाती है तो उसकी रिकवरी भूमि राजस्व के एरियर के तौर पर वसूली जाएगी और राजस्व रिकॉर्ड में उस प्रॉपर्टी की लाल रंग से एंट्री होगी। लाइसेंस प्राप्त कॉलोनियों में अतिरिक्त फ्लोर बनाने के मामले में बिजली निगम सीमा निर्धारित करने की तैयारी कर रहा है।
बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट सिद्धार्थ दहिया, सोहना की एसडीएम चिनार , पटौदी के एसडीएम प्रदीप कुमार, बादशाहपुर के एसडीएम सतीश यादव, गुरुग्राम की एसडीएम अंकिता चौधरी, डीटीपी आरएस बाट, डीएचबीवीएन के एक्सईएन केएस नेहरा, हाइड्रोलॉजिस्ट वीएस लांबा, डीसीपी वेस्ट दीपक सहारण, एसीएस मानेसर डॉक्टर हितेश यादव, डीसीपी हेड क्वार्टर राजीव देशवाल, डीसीपी मकसूद अहमद, पीडब्ल्यूडी (बी एंड आर) एग्जीक्यूटिव इंजीनियर नरेंद्र सिंह व संदीप सिंह सहित डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी गुरुग्राम सुमेर सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।