गुरुग्राम। जिले में इन दिनों अरावली वन क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ वन विभाग ने अभियान चला रखा है। इसी क्रम में जन्माष्टमी के बाद वन विभाग का अभियान और भी व्यापक होगा। करीब 200 अवैध निर्माण विभाग के निशाने पर हैं। इन सभी को पूर्व में नोटिस जारी किया गया है। अतिक्रमणकारियों द्वारा वन विभाग को अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया है।
गुरुग्राम रेंज के वन अधिकारी कर्मवीर मलिक ने बताया कि पूर्व में करीब 150 नोटिस जारी किए गए थे। जिनमें से आधे से ज्यादा अवैध निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं। वहीं, अब ग्वाल पहाड़ी व मानेसर के आसपास के इलाकों में व विभाग अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाएगा। जिन 150 अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किए गए थे, उनमें से अब तक 18 अवैध फार्म हाउस व कच्चे निर्माण ध्वस्त किए जा चुके हैं। इसी क्रम में पिछले शुक्रवार को घाटा गांव में भी करीब 100 से ज्यादा झुग्गियों व कादीपुर व बसई में भी कच्चे व पक्के निर्माण को ढहाया गया था।
मानेसर और शिकोहपुर में 20-25 अवैध निर्माण रडार पर
जन्माष्टमी के बाद ग्वाल पहाड़ी व मानेसर इलाके में व्यापक स्तर पर अवैध निर्माण के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। गुरुग्राम रेंज के वन अधिकारी कर्मवीर मलिक ने बताया कि मानेसर में शिकोहपुर बस्ती में 20-25 अवैध मकान बनाए गए हैं, जो विभाग के रडार पर हैं। वहीं, कासन में भी व्यापक स्तर पर अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्टे हटते ही चलेगा पीला पंजा
ग्वाल पहाड़ी में करीब 12 अवैध फार्म हाउस वन विभाग के निशाने पर हैं, लेकिन निचली अदालत से स्टे ले रखा है। इन पर कार्रवाई के लिए वन विभाग तैयार बैठा है, स्टे हटते ही इनको ध्वस्त किया जाएगा। वन विभाग के गुरुग्राम रेंज अधिकारी कर्मवीर मलिक के मुताबिक ग्वाल पहाड़ी में नगर निगम की जमीन है लेकिन उस पर पीएलपीए अधिनियम का सेक्शन-4,5 लागू है, जिसके मुताबिक निर्माण व तार-फेसिंग जैसी गतिविधियां नहीं की जा सकती। बावजूद इसके अवैध रूप से करीब 12 फर्म हाउस बना दिए गए हैं। इनको ध्वस्त किया जाएगा।
दो-तीन दिन का अवकाश है। इसके बाद हम ग्वाल पहाड़ी, मानेसर के इलाके में अरावली वन क्षेत्र में हुए अवैध निर्माण व अतिक्रमण के खिलाफ व्यापक तौर पर अभियान चलाएंगे। ग्वाल पहाड़ी में कई फार्म हाउस भी हैं, जिन पर लोवर कोर्ट का स्टे हटते ही कार्रवाई की जाएगी।
- कर्मवीर मलिक, वन अधिकारी गुरुग्राम रेंज