गुरुग्राम। सेक्टर- 68 स्थित माहिरा होम्स के 7500 लोगों को अब अपने करोड़ों रुपये डूबने की चिंता सताने लगी है। इन लोगों ने अपने बुक कराए फ्लैटों का पूरा पैसा अदा कर दिया है। लेकिन 4 साल बाद अब जिला नगर योजनाकार ने बिल्डर का लाइसेंस रद्द कर दिया है। इससे इनको मिलने वाले फ्लैटों का रास्ता रुक गया है। फ्लैट बुक कराने वालों ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है।
आस्मीन नाम की एक महिला ने लिखा है कि अफोर्डेबल हाउसिंग के नाम पर इस प्रोजेक्ट में धोखाधड़ी की गई है। लोगों ने अपनी जीवन भर मेहनत से कमाया पैसा इस प्रोजेक्ट में लगाया। लेकिन उन्हें उनके निवेश का यह परिणाम मिलेगा, इसकी उम्मीद नहीं थी। पिछले दिनों फर्जी बैंक गारंटी के साथ लाइसेंस हासिल करने और अन्य वित्तीय अनियमितताएं सामने आने के बाद माहिरा बिल्डर का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था। इसके साथ ही महानिदेशक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की ओर से सिफारिश की गई थी कि इनके बैंक खाते फ्रीज कर दिए जाएं। वह भी फ्रीज किए गए। हरियाणा भू संपदा नियामक आयोग की ओर से आदेश के बाद मुकदमा भी दर्ज कराया गया। वरिष्ठ नगर योजनाकार की ओर से इनके अन्य प्रोजेक्ट पर भी रोक लगा दी गई। इसी के चलते अब आवंटियों को फ्लैट मिलने का रास्ता भी रुक गया है।