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अस्पतालकर्मी ने सहकर्मियों पर लगाया सामूहिक दुष्कर्म का आरोप, फिर पुलिस ने क्यों किया इनकार

Sat, 02 Nov 2019 02:11 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : शटरस्टॉक्स
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ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-2 थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल की महिला कर्मचारी ने सुपरवाइजर और उसके साथी पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है।

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महिला का आरोप है कि बकाया वेतन देने का झांसा देकर सुपरवाइजर उसे कार में अपने साथी संग बैठाकर ले गया और नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया। वारदात 25 अक्तूबर को हुई थी।

शुक्रवार को महिला का बयान दर्ज करने और कपड़ों की जांच के लिए बुलाया गया था। वहीं पुलिस ने मामले की जांच के बाद बलात्कार की बात से इंकार किया है। एसएसपी के मुताबिक मामला वेतन के विवाद से जुड़ा हुआ है। 

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मूलरूप से बुलंदशहर निवासी महिला ने बीटा-2 थाने दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि कुछ दिन पहले उसके रिश्तेदार की मृत्यु हो गई थी। वह कुछ दिन ड्यूटी पर नहीं आ पाई। इस पर सुपरवाइजर रवि ने काम पर आने से मना कर दिया।

महिला ने उससे बकाया वेतन के रुपये मांगे। रवि ने 25 अक्तूबर को पीड़िता को अल्फा कॉमर्शियल मेट्रो स्टेशन के पास बुलाया। वहां रवि और उसका एक साथी कार में बैठे थे। रवि ने महिला से रुपये देने का झांसा देकर एक डायरी में हस्ताक्षर करा लिए। इसके बाद कार में बैठने और रुपये कहीं से लेकर देने की बात कही।

आरोप है कि रास्ते में उसे नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म किया गया। आरोपी उसे अचेतावस्था में सुनसान स्थान पर छोड़कर भाग गए। वहां से गुजर रहे लोगों ने महिला के पास मौजूद आईकार्ड देखकर उसे अस्पताल के पास छोड़ दिया।

वहीं एसएसपी ने कहा कि जांच में यह बात सामने आई है कि पूरा विवाद वेतन देने से जुड़ा हुआ है। उन्होंने बलात्कार की बात से इंकार किया है। 
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