तलाक के बाद कुनाल की पत्नी और कुलविंदर के बीच नजदीकियां बढ़ती गईं और दोनों लिव इन रिलेशन में आ गए। इसी दौरान दून विहार में रहकर आरोपी ने नए सिरे से कैटरिंग का काम शुरू कर दिया। पीजी में बच्चों को भोजन सप्लाई करने के दौरान वह चड्ढा परिवार के संपर्क में आया। चड्ढा के मकान में दो छात्र किराए पर रहते हैं।
पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चौबे बताती हैं कि आरोपी करन अपने व्यवहार की वजह से कुछ दिनों में ही चड्ढा परिवार की आंख का तारा बन गया था। बेटे की शादी में कैटरिंग के बाद तो उसका घर में आना-जाना बढ़ गया।
पूरे परिवार से अपनत्व मिलने के बाद भी कुलविंदर रिश्तों में छल करने की आदत से बाज नहीं आया। कर्ज का थोड़ा दबाव बढ़ा तो आरोपी ने चड्ढा परिवार को भी लूटने की ठान ली। इसी चाह में उसने बेकसूर गुलशन चड्ढा की जिंदगी छीन कर हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन ली।