फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: गाजियाबाद में शादी के आठ साल बाद महिला ने एक साथ चार बच्चों को दिया जन्म, जच्चा और बच्चे सभी स्वस्थ

Mon, 12 Jul 2021 09:40 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

इलाज के दौरान डॉक्टरों और महिला को पता था कि गर्भ में चार बच्चे पल रहे हैं। 12 जुलाई को रात में प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजन यशोदा अस्पताल ले गए। डॉक्टरों की टीम ने महिला की स्थिति को देखते हुए इमरजेंसी में भर्ती किया। ऑपरेशन के बाद तीन लड़के और एक लड़की पैदा हुई। 
विज्ञापन
महिला ने चार बच्चों को दिया जन्म - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गाजियाबाद में शादी के आठ साल बाद एक महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। तीन लड़के और एक लड़की है। प्रसव समय से पूर्व आठ महीने में हुआ है। बच्चों का वजन कम होने के कारण उनको नर्सरी में रखा गया है। यह मामला ट्विटर पर भी चल रहा है। लोग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। 
विज्ञापन


कमला नेहरू नगर निवासी दंपती की शादी आठ साल पहले हुई थी। बच्चे पैदा न होने पर दो साल पहले इलाज शुरू कराया था। दो महीने की गर्भवती होने के बाद यशोदा अस्पताल की उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. शशि अरोड़ा ने इलाज शुरू किया।

इलाज के दौरान डॉक्टरों और महिला को पता था कि गर्भ में चार बच्चे पल रहे हैं। 12 जुलाई को रात में प्रसव पीड़ा बढ़ने पर परिजन यशोदा अस्पताल ले गए। डॉक्टरों की टीम ने महिला की स्थिति को देखते हुए इमरजेंसी में भर्ती किया। ऑपरेशन के बाद तीन लड़के और एक लड़की पैदा हुई। 
विज्ञापन


वरिष्ठ नवजात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. (मेजर) सचिन दुबे ने बताया कि तीनों लड़कों का वजन 1.680 किग्रा, 1.600 किग्रा, 1.330 किग्रा और लड़की का वजन 1.580 किग्रा है। डॉ. सचिन ने बताया कि सभी बच्चे आठवें महीने में पैदा हुए हैं, लेकिन स्थिति सामान्य हैं। बच्चे अभी सिक नेटल केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती हैं। तीन से पांच दिन में अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
विज्ञापन

गर्भावस्था में ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का रहता है खतरा

डॉ. शशि ने बताया कि यह स्थिति काब्रुप्लेट्स कही जाती है। उन्होंने बताया कि 20 साल पहले भी एक महिला ने चार बच्चों को छठे महीने में जन्म दिया था, लेकिन उस समय इलाज की बेहतर तकनीक न होने से बच्चों की मौत हो गई थी। 

डॉ. शशि अरोड़ा ने बताया कि ऐसी स्थिति में गर्भवती का उच्च रक्तचाप और डायबिटीज होने का खतरा रहता है, जबकि सामान्य प्रसव की अपेक्षा विशेष स्थिति में महिलाओं में अनिद्रा और थकान की हर समय परेशानी होती है।

इसके अलावा यह भी ध्यान रखने की जरूरत होती है कि महिला का संतुलित खानपान हो, क्योंकि महिला के आहार से ही शिशु का भी पोषण होता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें