पूर्व विधायक के बेटे ने पिस्टल दी, सुरक्षित जगह ठहरवाया
अहद ने यह भी बताया कि जिस वक्त वहाब ने उसे उकसाया, उस वक्त उसका बेटा आदिल भी वहां मौजूद था। आदिल ने ही उसे पिस्टल मुहैया कराई थी। इसके अलावा हत्या के बाद आदिल ही अहद व उसके साथी को मेरठ के परतापुर स्थित सुरक्षित ठिकाने पर ले गया था। रविवार को समीर की हत्या के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो पूर्व विधायक वहाब की संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने संपर्क किया तो उसने 4 घंटे में अहद को लाकर देने की बात कही और खुद परिवार समेत फरार हो गया।
इन दो वजह से पूर्व विधायक ने रची हत्या की साजिश
- भाई आस मोहम्मद द्वारा अपनी पत्नी सहाना की हत्या के बाद से बिरादरी के लोगों ने पूर्व विधायक के परिवार से दूरी बना ली थी। सामाजिक सहानुभूति लेने के लिए समीर की हत्या कराने के बाद वह सहाना की हत्या का आरोप उसी पर मढ़ता।
- भाई आस मोहम्मद पहले से जेल में है। समीर की हत्या के बाद भतीजा अहद भी जेल चला जाता। जिसके बाद पूर्व विधायक उनकी संपत्ति कब्जाने की फिराक में था। इसके लिए पूर्व विधायक ने भतीजे अहद से समीर की हत्या का जुल्म कबूलने का दबाव बनाया। कहा कि वह उसे जेल से छुड़ा लेगा। लेकिन अहद ने पुलिस को साफ-साफ बता दिया।
हत्या की साजिश में जेल में बंद आस मोहम्मद भी शामिल
पुलिस की जांच में सामने आया है कि पूर्व विधायक का जेल में बंद भाई आस मोहम्मद भी समीर की हत्या की में शामिल था। पुलिस को कुछ सुबूत भी मिले हैं। पुलिस के मुताबिक पत्नी की हत्या के बाद आस मोहम्मद बिरादरी में लगे कलंक को मिटाना चाहता था। समीर की हत्या के बाद पहली पत्नी सहाना की हत्या का आरोप समीर पर मढ़ देता। अधिकारियों का कहना है कि जांच की जा रही है, पुष्टि होने पर आस मोहम्मद को भी नामजद किया जाएगा।
हत्या के तीन दिन पहले ही अपने घर आया था समीर
मुरादनगर की कच्ची सराय कॉलोनी में रहने वाला समीर (19) मेरठ में मामा की पंसारी की दुकान पर काम करता था। पिता की तबीयत खराब होने पर तीन दिन पहले ही वह घर आया था। शनिवार शाम करीब 6 बजे कॉलोनी में ही रहने वाला अहद व उसके साथी समीर को घर से बुलाकर ले गए। रविवार सुबह समीर का शव प्रीत विहार कॉलोनी में कब्रिस्तान के पास पड़ा मिला। समीर के पिता शहजाद ने अहद व तीन अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था।