विजय शर्मा मोदीनगर में अपने माता-पिता सोमा देवी व मोहनलाल शर्मा के साथ संयुक्त परिवार में रहते हैं। उनका भाई अजय शर्मा, पत्नी विनीता शर्मा, बेटा जय शर्मा और बेटी अनुष्का शर्मा भी मोदीनगर में ही रहते हैं।
ओलंपिक में वेट लिफ्टिंग में भारत को 21 साल बाद मेडल मिला है। इसके पीछे मोदीनगर, गाजियाबाद के रहने वाले कोच विजय कुमार शर्मा की भी मेहनत है। भारतीय वेट लिफ्टिंग टीम और रेलवे टीम के कोच विजय कुमार शर्मा ने ही देश के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाली मीराबाई चानू को ट्रेनिंग दी है।
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पटियाला स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में पांच साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद मीराबाई चानू ने मेडल जीतकर देश को यह सम्मान दिलाया है। उनकी इस उपलब्धि पर शनिवार को मोदीनगर की कैलाश कॉलोनी स्थित उनके पैतृक आवास पर पहुंचकर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। विजय कुमार शर्मा के परिवार ने भी इस ऐतिहासिक दिवस पर खुशियां मनाईं।
विजय शर्मा मोदीनगर में अपने माता-पिता सोमा देवी व मोहनलाल शर्मा के साथ संयुक्त परिवार में रहते हैं। उनका भाई अजय शर्मा, पत्नी विनीता शर्मा, बेटा जय शर्मा और बेटी अनुष्का शर्मा भी मोदीनगर में ही रहते हैं।
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भाई अजय शर्मा ने बताया विजय ने खुद को खेल के लिए पूरी तरह समर्पित कर रखा है। स्कूली शिक्षा के समय से ही उनकी खेलों में विशेष रुचि रही है। पहले फुटबॉल, फिर रेस और इसके बाद वेट लिफ्टिंग को चुना तो इसी में रम गए। 1993 में स्पोर्ट्स कोटे से उन्हें रेलवे में टीसी की नौकरी मिली। रेलवे को उन्होंने कई स्वर्ण पदक दिलाए। वह इंटर रेलवे चैंपियनशिप में चार बार विजेता रहे और 1998 व 1999 में वेटलिफ्टिंग में दो बार नेशनल चैंपियन रहे। 2018 में उन्हें द्रोणाचार्य अवार्ड मिला। वह एक सख्त गुरु माने जाते हैं।
2017 में मोदीनगर आई थीं मीराबाई चानू
ओलंपिक खेलों में देश को सिल्वर मेडल दिलाने वाली मीराबाई चानू करीब पांच साल से विजय कुमार शर्मा के अंडर में ट्रेनिंग कर रही हैं। वह वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद 2017 में मोदीनगर में यूपी स्टेट चैंपियनशिप में खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने आई थीं। कोच विजय कुमार शर्मा के साथ उन्होंने मोदीनगर में काफी समय बिताया था।