बताया गया कि कुछ समय बाद गांव में एक शादी समारोह के दौरान कालीचरण पक्ष ने इंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इंद्र सिंह की हत्या के बाद इंद्र पक्ष की कमान राजेंद्र फौजी ने संभाल ली थी। राजेंद्र की पत्नी की उसके मायके जाड़ौल, खानपुर में हत्या कर दी गई। राजेंद्र पक्ष ने उस दौरान कालीचरण पक्ष पर संदेह जताया था। जिसके बाद वर्ष 2014 में राजेंद्र के भाई जयप्रकाश पर थाना ककोड़ के सामने गोलियां बरसाईं गई थीं।
रीढ़ की हड्डी में गोली लगने के कारण वह घायल हो गया था। आरोप है कि बदला लेने के लिए राजेंद्र पक्ष ने जगपाल पुत्र कालीचरण के गांव निवासी एक साथी के भाई नीरज की ककोड़ थाने के पास हत्या कर दी थी। उसी रोज आरोपियों ने घर में घुसकर जगपाल की मां सिंगारी की हत्या कर दी थी। दोनों की हत्या के मामले में रामपाल, किरनपाल, राजेंद्र, छत्तर, अमित जेल गए थे।
घटना के समय अमित के नाबालिग होने के कारण वह जमानत पर छूट गया था। वहीं रामपाल, किरनपाल, राजेंद्र, छत्तर उक्त मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं। वर्ष 2019 में जगपाल की पलवल में हत्या कर दी गई।
जगपाल की हत्या के कुछ महीने बाद ही 2019 में उसके पिता कालीचरण की भी थाना ककोड़ के पास हत्या कर दी गई थी। अब संदीप की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं घायल धर्मपाल, सुरक्षाकर्मी पुष्पेंद्र, पवन का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
सिकंदराबाद के धनौरा में दो पक्षों के बीच खूनी रंजिश का खेल शुरू होने के बाद से ही समय के साथ नेतृत्व भी बदलता रहा। नेतृत्वकर्ता के जेल जाने, गोली का शिकार होने के बाद किसी दूसरे व्यक्ति के द्वारा नेतृत्व की कमान संभाल ली जाती थी।
वर्ष 1990 में धनौरा में जब दो पक्षों में खूनी रंजिश का खेल शुरू हुआ तो एक पक्ष का नेतृत्व कालीचरण तो दूसरे पक्ष का नेतृत्व इंद्र कर रहा था। कालीचरण की बढ़ती उम्र के कारण उसके पक्ष का नेतृत्व बेटा जगपाल उर्फ बराती करने लगा।
वहीं, इंद्र की मौत के बाद नरेंद्र फौजी ने इंद्र पक्ष का नेतृत्व संभाला। नरेंद्र फौजी की मौत के बाद राजेंद्र ने इंद्र पक्ष का नेतृत्व संभाला, तो वहीं जगपाल की मौत के बाद कालीचरण पक्ष का नेतृत्व जगपाल के भाई धर्मपाल ने संभाल लिया।
राजेंद्र को आजीवन कारावास की सजा के चलते जिला कारागार में बंद होने के कारण अब उसके पक्ष का नेतृत्व उसका पुत्र अमित कर रहा है। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने घटना को लेकर दिए गए बयान में अमित की भूमिका का उल्लेख किया है। फिलहाल अमित भी हत्या के एक मामले में जिला कारागार में बंद है।