वहीं भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार किसानों के सभी मुद्दे व एमएसी पर बात करें। दिल्ली में किसानों ने अपनी संसद लगाई है। किसान अपनी पंचायत को संसद कहेंगे। सरकार को एतराज है तो किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दे।
भाकियू प्रवक्ता ने कहा कि गांवों में किसानों के ट्रैक्टर दिल्ली का रास्ता न भूल जाएं, इसलिए किसान समय-समय पर ट्रैक्टर मार्च कर रहे हैं। उन्होंने एलान किया है कि संसद में किसानों की आवाज नहीं उठाने वाले सांसदों का उनके लोकसभा क्षेत्र में घेराव किया जाएगा। इसे लेकर रणनीति तैयार कर ली गई है। बताया कि अगला 'जत्था' 14 अगस्त को मुरादाबाद, हापुड़ और अमरोहा से आएगा और 15 तारीख को वे यहां (विरोध स्थल) राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे, इसके बाद सड़कों पर ट्रैक्टर परेड करेंगे
300 ट्रैक्टर और 50 गाड़ियों के साथ किसान पहुंचे यूपी गेट
रविवार को आंदोलन स्थल पर ट्रैक्टर मार्च करते हुए करीब 300 ट्रैक्टर-ट्रालियों व 50 अन्य वाहनों से किसान आंदोलन स्थल पर दिनभर पहुंचते रहे। इस दौरान किसान ट्रैक्टरों में तिरंगा व किसान यूनियन का झंडा लगा था। भाकियू नेता गौरव टिकैत के नेतृत्व में बिजनौर से चला किसानों का जत्था शनिवार को मेरठ में रुका था। रविवार सुबह किसान मेरठ से चलकर यूपी गेट बार्डर के लिए निकले।
गाजीपुर बॉर्डर पर सोमवार से किसान चौपाल
गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में सोमवार को किसान चौपाल लगेगी। जिसमें पंजाब से आए कलाकार हिस्सा लेंगे और किसानों से बातचीत करेंगे। धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि पंजाब के कलाकार बब्बू मान, अमिजोत मान, हरजीत हरमन चौपाल पर चर्चा करेंगे। इसको लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। चार बजे चौपाल का आयोजन होगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही सोमवार को दिल्ली में चल रही किसान संसद में गाजीपुर बॉर्डर से भी महिला हिस्सा लेने पहुंचेंगी।
किसानों के बढ़ने के चलते अलर्ट रही पुलिस
एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मोहननगर, लिंक रोड, डाबर तिराहे से होते हुए किसान आंदोलन स्थल पर पहुंचे। सभी चौराहों और तिराहों पर यातायात पुलिसकर्मी तैनात रहे। यूपी गेट पर किसानों की संख्या को देखते हुए पुलिस पहले से ही अलर्ट है। मौके पर पीएसी, स्थानीय पुलिस, एलआईयू तैनात है, जो पल-पल की गतिविधि पर खास नजर बनाए है।
क्रांतिकारी हैं हरियाणा के लोग
टिकैत ने कहा कि जींद (हरियाणा) के लोग क्रांतिकारी हैं। उन्होंने 15 अगस्त को ट्रैक्टर परेड करने का सही निर्णय लिया है। पता नहीं संयुक्त किसान मोर्चा क्या फैसला करता है लेकिन ट्रैक्टर परेड को राष्ट्रीय ध्वज के साथ देखना गर्व का क्षण होगा। उन्होंने कहा है कि अगर वे मंत्रियों को अपने गांवों में राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराने देंगे, तो वे ऐसा ही करेंगे। झंडा फहराकर मंत्री क्या करेंगे? किसानों को 15 अगस्त को करने दें।
किसान नेता सिंधू ने काह- बाधित नहीं होगा राष्ट्रीय पर्व
किसान नेता बिजेंदर सिंधू ने कहा कि 15 अगस्त को पूरे शहर (जींद) में झांकी के साथ ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी। ट्रैक्टरों पर राष्ट्रीय ध्वज और किसान झंडा दोनों ही लगाए जाएंगे। हम डीसी को रूट प्लान का प्रस्ताव भेजेंगे। यहां कोई भी भाजपा नेता राष्ट्रीय ध्वज फहराने नहीं आएगा। अगर कोई भाजपा नेता यहां (जींद, हरियाणा) आता है तो हम उसे नहीं रोकेंगे। हमारी कोर कमेटी उन्हें जाते समय या आगमन पर काले झंडे दिखाएगी। व्यक्तिगत रूप से, मुझे लगता है कि 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय त्योहारों को बाधित नहीं किया जाना चाहिए।