परिवहन विभाग ने अनाधिकृत रूप से स्कूल में चल रही वैन चालकों को बड़ी राहत दी है। ये वैन चालक सुप्रीम कोर्ट के मानक को पूरा करते हुए कामर्शियल परमिट को स्कूल परमिट में बदलवा सकते हैं। इससे इनका टैक्स भी आधा हो जाएगा। इसके बाद वैन एक से अधिक स्कूलाें में भी चलाई जा सकेगी।
स्कूल में पढ़ रहे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए परिवहन विभाग ने नियमों में बदलाव किया है। एआरटीओ (प्रशासन) विश्वजीत सिंह ने बताया कि पहले स्कूल में चलने वाली वैन को स्कूल से सर्टिफिकेट लेना पड़ता था। इसके बाद ही वैन को स्कूल परमिट दिया जाता था।
अब इस नियम में परिवर्तन किया गया है। जो वैन बिना स्कूल परमिट के चल रही हैं, वह स्कूल से बिना सर्टिफिकेट लिए भी विभाग से स्कूल परमिट ले सकती हैं। इसके लिए उन्हें सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस को पूरा करना होगा। वैन पीले रंग में रंगी जाएगी।
सुरक्षा के पूरे मानक होंगे और वह निर्धारित सीट से डेढ़ गुना ही बच्चों को बिठा सकेंगे। उन्हाेंने बताया कि यह इसलिए किया गया है, क्योंकि बस हर जगह नहीं पहुंच सकती। जबकि वैन गलियों में जाकर भी बच्चों को घर से ले सकती है। स्कूल परमिट लेने के बाद वैन चालक एक से ज्यादा स्कूलों के भी बच्चों को बिठा सकते हैं।
कितनी होगी फीस
परिवहन विभाग कामर्शियल और स्कूल परमिट के लिए फीस निर्धारित कर रखी है। कामर्शियल परमिट फीस 650 रुपये प्रति सीट/प्रति तिमाही है। जबकि स्कूल परमिट फीस 330 रुपये प्रति सीट/प्रति तिमाही ली जाती है।