रैपिड रेल की गति अधिकतम 180 किमी और न्यूनतम 100 किमी प्रति घंटा है। ऐसे में रैपिड रेल में कम रखरखाव खर्च और उच्च स्तरीय क्षमता वाले प्री-कास्ट ट्रैक स्लैब को बिछाया जा रहा है। रैपिड रेल के ट्रैक को तैयार करने के लिए मेरठ के शताब्दीनगर में प्री-कास्ट ट्रैक स्लैब फैक्ट्री की स्थापना की गई है।
रैपिड रेल का पहला फेज पूरा करने के लिए अब ट्रैक बिछना शुरू हो गया है। दुहाई डिपो में रैपिड ट्रेन कोच उतरने से पहले एक किमी लंबे ट्रायल ट्रैक सहित कुल 13 ट्रैक को बिछाने के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। डिपो के यार्ड में 12 और आखिरी रनिंग ट्रैक को बिछाने का काम दिसंबर तक पूरा करने की तैयारी है। रनिंग ट्रैक पर 880 ग्रेड की उच्च क्षमता की पटरियों को बिछाया जाएगा। डिपो में स्टैंडर्ड गेज की तीन निरीक्षण और दो वर्कशॉप लाइन होंगी।
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दुहाई डिपो में रैपिड का मुख्य कंट्रोल और बैकअप ऑपरेशनल सेंटर होगा। रैपिड कॉरिडोर सभी गतिविधियों की निगरानी डिपो से होगी। डिपो में आरआरटीएस ट्रेनों को खड़ा करने को यार्ड का कार्य भी जारी है। डिपो में एनसीआरटीसी का मुख्य प्रशासनिक भवन होगा। रैपिड ट्रेन के रखरखाव और तकनीकी दिक्कतों के समाधान के लिए इंजीनियरिंग ट्रेन यूनिट स्थापित होगी। डिपो का निर्माण कार्य दुहाई के साथ भिक्कनपुर और बसंतपुर सैंथली गांव की 51 हेक्टेयर जमीन पर किया जा रहा है।
रैपिड रेल की गति अधिकतम 180 किमी और न्यूनतम 100 किमी प्रति घंटा है। ऐसे में रैपिड रेल में कम रखरखाव खर्च और उच्च स्तरीय क्षमता वाले प्री-कास्ट ट्रैक स्लैब को बिछाया जा रहा है। रैपिड रेल के ट्रैक को तैयार करने के लिए मेरठ के शताब्दीनगर में प्री-कास्ट ट्रैक स्लैब फैक्ट्री की स्थापना की गई है। वहीं से सीमेंट के प्री-कास्ट रेल ट्रैक (सीमेंट के बड़े ब्लॉक) को ट्रक से साइट पर लाकर बिछाने का कार्य किया जा रहा है।
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रैपिड कोच का निर्माण तेज गति से है जारी:
गुजरात के सावली स्थित संयंत्र में रैपिड ट्रेनों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। ऐसे में ट्रेन कोच आने से पहले दुहाई डिपो में सभी ट्रैक को तय समयसीमा में पूरा करने का काम शुरू कर दिया गया है। -- पुनीत वत्स, सीपीआरओ, एनसीआरटीसी