परिवहन विभाग ने जाम कम करने और लोगों को रात में वाहन उपलब्ध कराने की तैयारी कर ली है। इसके चलते एक तिहाई ऑटो का संचालन दिन में बंद रखा जाएगा। इन्हें रात में चलवाया जाएगा। शहर में करीब 12 हजार ऑटो पंजीकृत हैं, इस लिहाज से करीब चार हजार ऑटो रात में दौड़ेंगे। यह व्यवस्था एक-एक महीने के लिए लागू की जाएगी।
शहर के ज्यादातर मार्गों और चौराहों पर दिनभर जाम लगा रहता है। इसका मुख्य कारण ऑटो संचालन का अनियंत्रित होना है। ज्यादातर स्थानों पर ऑटो की पार्किंग भी सड़क पर की जा रही है। इनकेपरमिट कैंसल करना भी संभव नहीं है। ऐसे में इनकी संख्या नियंत्रित करना बड़ी चुनौती है।
पिछले वर्ष परिवहन आयुक्त ने एक तिहाई ऑटो का संचालन रात में कराने के आदेश दिए थे। रात में चलने वालों को दिन में सड़क से हटा दिया जाएगा।
ऐसे होगा संचालन
ऑटो की पूरी संख्या का एक तिहाई करने की बजाय अब अफसर रूट के हिसाब से इनकी संख्या निर्धारण करेंगे। जिससे सभी क्षेत्रों में एकसमान लाभ मिल सके। ऑटो का सभी रूट पर एक-एक तिहाई कर लिया जाएगा।
इनको रूट नंबर देकर चिन्हित किया जाएगा। एक महीने रात में चलने वाले वाहन दिन में चलने लगेंगे, फिर उससे आगे के नंबर वालों को रात में चलाया जाएगा।
ये हैं मुख्य जाम प्वाइंट
पुराना बस अड्डा, मालीवाड़ा, तेजा सिंह चौक (चौधरी मोड़), नया बस अड्डा, गांधीनगर, रमतेराम रोड, तुराबनगर मोड़, मोहननगर चौराहा, विजयनगर तिराहा, हापुड़ चौक और हिंडन पुल।
शहर में ऑटो का पंजीकरण - 12000
शहर में ऑटो का संचालन - 18000
एनसीआर ऑटो की संख्या - 1300
प्रीपेड ऑटो की संख्या - 800
शहर में ऑटो चलाने की योजना - 8000
शहर को जाम मुक्त करने और रात में वाहन उपलब्ध कराने की योजना पर एक साल से काम किया जा रहा है। यह तैयारी उसी का परिणाम है। उम्मीद की जा रही है कि रूट चार्ट तैयार होते ही मई-जून से नई व्यवस्था के तहत ऑटो संचालन शुरू हो जाएगा। - केपी गुप्ता, एआरटीओ प्रशासन