नोएडा के निठारी कांड में बच्चे के अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने के 15वें मामले में सीबीआई कोर्ट ने गुरुवार को साक्ष्यों के अभाव में सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया। सुनवाई के दौरान सीबीआई द्वारा पेश किए गए साक्ष्य अपर्याप्त पाए गए। इसके पहले भी सुरेंद्र कोली दो मामलों में बरी हो चुका है, जबकि 12 मामलों में सुरेंद्र को फांसी की सजा हो चुकी है।
सीबीआई के लोक अभियोजक ने बताया कि 27 अप्रैल 2006 को ढाई वर्षीय एक बच्चा गायब हो गया था। मामले में उसके पिता ने नोएडा के थाना सेक्टर-20 में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दिसंबर 2006 में निठारी के मोनिंदर सिंह पंधेर की कोठी के पीछे 19 बच्चों और महिलाओं के कंकाल मिले थे।
17 मामलों में सीबीआई ने पेश की थी चार्जशीट
17 मामलों में सीबीआई ने चार्जशीट पेश की थी, जबकि दो मामलों में कोई साक्ष्य नहीं मिलरे पर क्लोजर रिपोर्ट लगा दी थी। पुलिस ने मोनिंदर सिंह और सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया था। बच्चे के अपहरण, हत्या और साक्ष्य मिटाने के आरोप में सीबीआई ने सुरेंद्र कोली के खिलाफ आरोप पत्र पेश किया था।