अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन मान गए हैं। मृतकों के परिजनों ने रास्ते शवों को हटा लिया है। अब हाईवे खुल गया है।
प्रशासन के आश्वासन के बावजूद परिजन कर रहे शव उठाने का विरोध
प्रशासन के आश्वासन के बाद भी परिजन शवों को उठाने को तैयार नहीं हैं। प्रदर्शन कर रहे लोग मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। इसके साथ ही मुरादनगर नगर पालिका के चेयरमैन विकास तेवतिया पर भी लोग कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पीड़ित परिवारों की आईजी और कमिश्नर से हुई बातचीत के बाद इन शर्तों पर बनी बात। हालांकि इसकी घोषणा अभी बाकी है-
- मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा
- कांशीराम आवासीय योजना में मकान
- बच्चों को पढ़ाई का खर्च उठाएगी सरकार
- योग्यता के आधार पर परिवार के सदस्य को नौकरी
- इसके अलावा, कल आईजी और कमिश्नर प्रत्येक पीड़ित परिवार के घर जाकर उनकी आर्थिक स्थिति का आकलन करेंगे।
- जरूरत समझने पर उनकी अतिरिक्त मदद भी की जाएगी।
- घायलों के लिए भी मुआवजे का एलान जल्द।
मौके पर बढ़ रही भीड़, परिजन बोले- हमें गोली मार दो बॉडी ले जाओ
मुरादनगर में मृतकों के परिजनों की भीड़ बढ़ते देख पुलिस प्रशासन ने आकर उन्हें समझाना चाहा। पुलिस ने कहा कि आप हमें शव ले जाने दें और रास्ता खाली करें। इस पर परिजन भड़क गए और पुलिस से कहा कि पहले हमें गोली मार दो फिर शव ले जाओ। इसी बीच परिवार के तीन सदस्य खोने वाले बुजुर्ग की हालात बिगड़ गई है। लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ लगातार नारेबाजी कर रहे हैं।
मेरठ तिराहे से मुरादनगर तक जाम
मुरादनगर में मृतकों के परिजनों के प्रदर्शन के चलते मेरठ तिराहे से मुरादनगर तक भीषण जाम लग गया है। यह जाम मेरठ की सीमा में पहुंच चुका है।
किसान आज नहीं करेंगे मंच का संचालन, शाम को मृतकों को देंगे श्रद्धांजलि
मुरादनगर में हुई घटना के बाद यूपी गेट पर किसानों ने सोमवार को मंच का संचालन नहीं करने का निर्णय लिया है। भकियू मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि हादसे में मारे गए लोगों को आज शाम किसान श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
प्रदर्शनकारी सीएम को बुलाने की कर रहे मांग
मुरादनगर के उखलारसी के पास शव रख कर परिजनों ने जाम लगा दिया है। नाराज प्रदर्शनकारी सीएम को बुलाने की मांग कर रहे हैं।
जाम के चलते राजनगर एक्सटेंशन से मुरादनगर जाने वाले रास्ते का हुआ डायवर्जन
जाम के चलते राजनगर एक्सटेंशन से मुरादनगर की तरफ जाने वाले वाहनों पर पाबंदी लगा दी गई है। इसी के चलते रूट डायवर्जन किया गया।
मुरादनगर दो जगह रखे कुल सात शव लगाया जाम, रखी ये मांग
मुरादनगर श्माशान घाट में हुए हादसे में मृतकों के परिजनों मुरादनगर में दो जगह जाम लगा दिया है। एक जगह चार शव और दूसरी जगह तीन शव रख परिजन प्रदर्शन कर रहे हैं। शव को रोड पर रखकर परिजन 15 लाख रुपये, एक सरकारी नौकरी की मांग कर रहे हैं। जाम लगने के बाद प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं और परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है।
तीन आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें ईओ निहारिका सिंह, जेई सीपी सिंह, सुपरवाइजर आशीष शामिल हैं। ठेकेदार अजय त्यागी व अन्य अज्ञात लोगों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। यह जानकारी एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने दी है। उनका कहना है कि इन सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है इसके बाद आगे की विधिक कार्रवाई होगी।
आरोपियों पर निम्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है-
आईपीसी धारा 304 : गैर इरादतन हत्या
आईपीसी धारा 337 : किसी व्यक्ति को खतरा पहुंचाने वाला कार्य करना
आईपीसी धारा 338 - किसी की व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा पैदा करने वाली चोट पहुंचाने वाला कार्य करना।
आईपीसी धारा 409 - धन का गबन व सरकारी कर्मचारी द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन
आईपीसी धारा 427 : बुरी मंशा, जिससे आर्थिक नुकसान हो।
क्या है पूरा मामला
एनडीआरएफ, पुलिस और पीएसी ने करीब पांच घंटे का रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। श्मशान में 55 लाख की लागत से गलियारे का निर्माण हुआ था और करीब पंद्रह दिन पहले ही इसे जनता के लिए खोला गया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे के कारणों की जांच के आदेश देते हुए रिपोर्ट तलब की है। प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद देने और घायलों के उचित इलाज कराने की घोषणा की है।
मुरादनगर के उखलारसी गांव की संगम विहार कॉलोनी निवासी जयराम (70) का रविवार को निधन हो गया था। सुबह करीब 10:30 बजे उनकी अंतिम यात्रा घर से शुरू हुई और करीब पौने 11 बजे मुरादनगर के बंबा रोड श्मशान घाट पहुंची। अंतिम संस्कार में मोहल्ले और आसपास के इलाकों के करीब 50 लोग शामिल थे।
बारिश के कारण गलियारे में खड़े थे अधिकांश लोग
अंतिम संस्कार के दौरान बारिश होने के कारण अधिकांश लोग श्मशान घाट के प्रवेश द्वार पर बने 70 फीट लंबे गलियारे में खड़े थे। अंतिम संस्कार पूरा होने के बाद करीब 11:30 बजे इस गलियारे में दो मिनट के मौन के लिए सभी लोग जमा हुए। इसी दौरान गलियारे की छत भरभरा कर गिर गई। कुछ लोग बाहर निकल गए थे, लेकिन करीब 40 लोग मलबे के नीचे दब गए। सूचना पर पहुंची पुलिस, पीएसी ने स्थानीय लोगों के साथ बचाव एवं राहत कार्य शुरू किया। इस दौरान एनडीआरएफ की टीम डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंची और मलबे को हटाया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाल कर जिला एमएमजी अस्पताल समेत कई अन्य अस्पतालों में भेजा गया। डीएम अजय शंकर पांडेय ने आधिकारिक तौर पर 24 लोगों की मौत की पुष्टि की है। डीएम ने कहा कि हादसे के कारणों की जांच कराई जा रही है।