लाल क्वार्टर के पास अंबेडकर कालोनी के पीछे बाबू छपरी (35) की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। बाबू ढाई महीने पहले ही हत्या के केस में जेल से जमानत पर छूटा था। सिहानी गेट पुलिस जांच कर रही है। कबाड़ गोदाम मालिक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
एसएचओ अवनीश गौतम ने बताया कि बाबू मुजफ्फरनगर का रहने वाला था, सालों से गढ़ी भट्टा नंबर पांच में रहता था। बाबू पर पत्नी ने दहेज उत्पीड़न का केस किया था। इसके बाद उसकी पत्नी ने सिकरोड़ के मुकेश से दूसरी शादी कर ली थी। मुकेश से कलह होने पर उसकी पत्नी वापस बाबू के पास आ गई थी।
2014 में मुकेश की हत्या कर दी गई थी, आरोप था कि हत्या पत्नी ने बाबू के साथ मिलकर कराई है। इस मामले में बाबू जेल गया था। एसएचओ ने बताया कि शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे सूचना पर पहुंची पुलिस को बाबू सिर और सीने में चार-पांच गोली लगी हालत में अंबेडकर कालोनी केपीछे कबाड़ गोदाम में मिला।
उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। हमलावर कौन थे, वारदात क्यों की गई, यह पता नहीं चल सका है।
तीन बिंदुओं पर चल रही जांच
सट्टेबाजी: पुलिस को सूचना मिली है कि गोदाम में सट्टेबाजी और जुए का धंधा बड़े पैमाने पर हो रहा था। बाबू भी सट्टा-जुआ खेलता था। सट्टे और जुए के पैसों केलेनदेन में हत्या का अंदेशा है। कुछ लोगों का आरोप यह भी है कि सट्टेबाजी पुलिस संरक्षण में हो रही थी।