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Ghaziabad News: सिपाही व उनकी पत्नी की हत्या के दोषी को आजीवन कारावास

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गाजियाबाद। इंदिरापुरम में 11 वर्ष पहले सीआईएसएफ कांस्टेबल सुरेश व उनकी पत्नी बबली की हत्या के दोषी नरेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। पत्नी से संबंध होने के शक में साढू सुरेश के हत्या के मुख्य आरोपी विनीत ने हवालात में फांसी लगा आत्म हत्या कर ली थी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश हीरालाल ने दोषी नरेंद्र पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। दोषी को सजा दिलाने में सीआईएसएफ के तत्कालीन कांस्टेबल श्यामलाल व अंगद मीना के बयान अहम थे। दोनों ने अदालत को बताया था कि घटना वाले दिन विनीत और नरेंद्र को सुरेश के साथ उनके क्वार्टर पर जाते हुए देखा था।
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जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ममता गौतम ने बताया की दिल्ली के मीठापुर विस्तार निवासी रामनिवास शर्मा ने 24 अप्रैल 2013 को इंदिरापुरम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि छोटे भाई सुरेश कुमार शर्मा और उनकी पत्नी बबली की हत्या सुरेश के साढू विनीत ने अपने साथी नरेंद्र के साथ मिलकर की है। उन्होंने पुलिस को बताया था कि एक हत्या के मामले में विनीत जेल चला गया था। उस दौरान उसकी पत्नी बहन बबली और जीजा सुरेश के घर रह रही थी। जेल से बाहर आने के बाद विनीत को शक हुआ कि उसकी पत्नी का साढू सुरेश से संबंध हो गया है। इस कारण विनीत ने नरेंद्र के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। सुरेश लगातार दो दिन ड्यूटी पर नहीं पहुंचे तब घटना की जानकारी हुई थी। सुरेश सीआईएसएफ 5वीं वाहिनी में कांस्टेबल वाटर कैरियर के पद पर तैनात थे। वह सीआईएसफ सरकारी क्वार्टर इंदिरापुरम में रहते थे। सुरेश के ड्यूटी नहीं जाने और मोबाइल फोन पर बात नहीं होने पर उनके बड़े भाई रामनिवास ने छोटे भाई राजेश को सुरेश के घर जानकारी लेने भेजा। उनके घर पर ताला लगा था और घर के अंदर से बुरी तरह से दुर्गंध उठ रही थी। मामले की सूचना सीआईएसएफ में दी। उसके बाद अधिकारियों की उपस्थिति में सीआईएसएफ जवानों ने सीढ़ी लगाकर क्वार्टर की पिछली खिड़की से देखा तो बाथरूम में सुरेश की पत्नी बबली का शव पड़ा है। हाथ पीछे बंधे थे। मकान का ताला तोड़ने पर एक कमरे में सुरेश का शव पड़ा था। उनके भी हाथ पीछे बंधे थे, गले में कपड़ा बंधा हुआ था और मुंह से खून निकल रहा था। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर नरेंद्र को गिरफ्तार कर हत्या की धाराओं में नामजद कर जेल भेज दिया। सुरेश के घर से चोरी हुए जेवरात, रुपये और मोटरसाइकिल पुलिस ने नरेंद्र के घर से बरामद किया। पूछताछ के दौरान ही सुरेश के साढ़ू विनीत ने हवालात के बाथरूम के रोशनदान में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। सुनवाई के दौरान 12 गवाह पेश किए गए। जांच के बाद पुलिस ने 27 जुलाई 2013 को आरोप पत्र पेश किया था।
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