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मेट्रो पिलर ने रोकी हिंडन की रफ्तार

Tue, 10 May 2016 01:29 AM IST
ब्यूरो,अमर उजाला साहिबाबाद
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मेट्रो - फोटो : अमर उजाला
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मेट्रो पिलर बनाने के लिए हिंडन की धारा बाधित करने के मामले में हिंडन जल बिरादरी ने जिलाधिकारी और डीएमआरसी के प्रोजेक्ट मैनेजर से शिकायत की है। उन्होंने नदी की धारा बदलने पर सवाल उठाते हुए संबंधित विभागों पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
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  दिलशाद गार्डन से नया बस अड्डा मेट्रो रूट के बीच में हिंडन नदी आती है। मेट्रो के कुछ पिलर हिंडन नदी में भी बनाए जाएंगे। हिंडन जल बिरादरी के संयोजक विक्रांत शर्मा ने बताया कि मेट्रो पिलर बनाने के लिए हिंडन की धारा को मलबा और मिट्टी डालकर बाधित किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष मानसून भी बेहतर रहने की उम्मीद है, अगर नदी की धारा के लिए कम चौड़ाई होगी तो प्राकृतिक आपदा के खतरे की संभावना है। उनका आरोप है कि ये जीडीए, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम, सिंचाई विभाग समेत अन्य सरकारी संस्थाओं की लापरवाही ही है।
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उन्होंने इस संबंध में कार्रवाई करने और हिंडन नदी को बचाने की जिलाधिकारी से मांग की है। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश सरकार हिंडन के पुर्नउद्धार की बात कर रही है और दूसरी ओर नदी के साथ खिलवाड़ हो रहा है।    

धारा महज 10 से 15 मीटर ही बची है
जल बिरादरी के मुताबिक हिंडन नदी की धारा की चौड़ाई 150 मीटर थी, जो मेट्रो पिलर के निर्माण के लिए मलबे और मिट्टी के भराव के बाद महज 10 से 15 मीटर ही रह गई है। नदी में पानी अधिक होने पर उसके गुजरने का रास्ता बाधित होगा, जो आपदा को न्यौता देगा।

आधुनिक तरीके अपनाएं तो नहीं रुकेगी नदी की धारा
जल बिरादरी का कहना है कि अगर आधुनिक तरीके अपनाए गए होते तो हिंडन की ये हालत नहीं होती। लोहे का प्लेटफार्म बनाकर भी पिलर का निर्माण किया जा सकता था, उसके लिए नदी को मिट्टी और मलबे से भरने की जरूरत नहीं थी। 

दिल्ली से बिजली मिलेगी तभी टावर होंगे शिफ्ट

मेट्रो और एलीवेटेड रोड के बीच में एचटी लाइन को शिफ्ट करने का काम शुरू होने में फिर से अड़चन आ गई है। जीडीए और डीएमआरसी को लाइनें शिफ्ट करने के लिए अब कुछ और दिन तक इंतजार करना होगा। दिल्ली से मिलने वाली 100एमवीए बिजली के लिए पावर कारपोरेशन के अधिकारियों को 16 मई तक इंतजार करना होगा। दिल्ली के ट्रांसको लिमिटेड के अधिकारियों ने 16 मई के बाद बिजली देने की बात कही है।

डीएमआरसी और जीडीए की एलीवेटेड रोड और मेट्रो के बीच में आ रही एचटी लाइनों को शिफ्ट किया जाना है। इसके लिए मुख्यालय और मुरादनगर से कटौती होगी। इस दौरान लोगों को बिजली की समस्या नहीं हो, इसके लिए दिल्ली से 100 एमवीए बिजली मांगी गई थी। दिल्ली की ट्रांसको लिमिटेड के अधिकारियों ने अप्रैल में बिजली देने की बात कही थी, लेकिन अभी तक बिजली नहीं मिली है।

ट्रांसको के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में बन रहे बारापूला एलीवेटेड रोड के काम की वजह से उनकी उनकी दो लाइनें बंद चल रही हैं, जिसके कारण फिलहाल गाजियाबाद को बिजली नहीं दे सकते हैं। इस काम को पूरा होने में वक्त लगेगा, जिसके बाद 15 या 16 मई से सप्लाई दी जा सकती है। जब तक दिल्ली की ओर से बिजली नहीं मिलेगी, तब तक लाइन शिफ्टिंग का काम शुरू नहीं हो सकता है।

ट्रांसमिशन के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर यतींद्र कुमार ने बताया कि ट्रांसको लिमिटेड का कहना है कि बारापूला के काम की वजह से दो लाइनें बंद हैं, उनको ठीक करने में कुछ समय लगेगा, जिसके बाद आपूर्ति की जाएगी।
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