जैन समाज के लोगों ने बिल्डरों पर आरोप लगाया है कि वे प्लॉटिंग करते समय जैन समाज को मंदिर केलिए जमीन देने का प्रलोभन देकर बुकिंग करते हैं। बाद में बिल्डरों के प्लान में न तो मंदिर रहता है और न उसकी जमीन।
वर्ष 2010 में राजनगर एक्सटेंशन की एक सोसायटी में बिल्डर ने मंदिर के नाम पर करीब 250 फ्लैट जैन समाज के लोगों के बुक कराए। यही नहीं समाज के लोगों को विश्वास दिलाने के लिए मंदिर के लिए 500 वर्ग मीटर जमीन भी चिन्हित कर दी। जमीन पर मंदिर निर्माण से पूर्व भूमि पूजन भी कर दिया।
मंदिर निर्माण के लिए लोगों से चंदे के नाम पर लाखों रुपये जमा किए। छह वर्ष बाद सोसायटी में मंदिर का निर्माण तो क्या अब जमीन का अस्तित्व भी नहीं बचा है। इस संबंध में जब सोसायटी में रह रहे लोग बिल्डर से मिलते हैं तो उसके पास कोई जवाब नहीं होता।
संकल्प जैन ने बताया कि पुरानी जमीन का अब तक कुछ अता-पता नहीं है। अब बिल्डर द्वारा एक नई कॉलोनी डूब क्षेत्र में बसाई जा रही है। वहां भी जैनियों को लुभाने के लिए जैन मंदिर बनवाने का बड़ा-बड़ा विज्ञापन लगा रखा है।
रविवार को भी वहां जब भूमि पूजन किया गया तो एक्सटेंशन में रह रहे जैन समाज के लोग वहां पहुंचे और बिल्डर से मंदिर के नाम पर जमीन रजिस्ट्री दिखाने की बात कही।
जैन समाज के लोगों ने बिल्डर को स्पष्ट कहा कि यदि वे मंदिर नहीं बनवा सकते तो इसके नाम पर समाज के लोगों के साथ धोखा न करें। बिल्डर से मुलाकात के समय पंकज जैन, राकेश जैन, कनक जैन, अंकुर जैन, अंकित जैन, अरविंद जैन आदि मौजूद रहे।