चैत्र शुक्ल पक्ष पूर्णिमा हनुमान जयंती के अवसर पर शुक्रवार को हनुमान मंदिरों में भजन-कीर्तन और भंडारे का आयोजन हुआ। इस बार हनुमान जयंती पर विशेष संयोग के चलते वज्र योग, सिद्धी योग और राज योग के संयोग के कारण हनुमान जयंती की पूजा विशेष फलदायी थी।
पंडित दुलीदत्त कौशिक ने बताया कि वज्र योग से साधक को सुरक्षा कवच प्रदान होता है। हनुमान जी इसी योग में जन्म थे। हनुमान जयंती के अवसर पर मंदिरों में भी विशेष पूजा अर्चना हुई। विभिन्न स्थानों और मंदिरों में भंडारे आयोजित हुए।
चौपला मंदिर में हुआ सुंदर कांड पाठ
चौपला स्थित हनुमान मंदिर में सुबह हनुमानजी को पंचामृत से स्नान के बाद उनका विशेष ऋंगार हुआ। फिर भंडारे में भक्तों ने प्रसाद पाया। शाम को हनुमानजी की आरती के बाद 7 बजे से 11 बजे रात्रि तक सुंदरकांड का पाठ और भजन कीर्तन हुआ।
श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में भी सुंदरकांड का पाठ के बाद भोग और भंडारा आयोजित हुआ। हनुमान जयंती पर ठाकुरद्वारा मंदिर में भी भंडारे का आयोजन हुआ। एफ-56 पटेल नगर थर्ड जीडीए फ्लाईओवर के पास भी सुंदरकांड और भंडारे में भक्तों ने प्रसाद पाया।
श्री नाम मंत्र जप प्रेरक मंदिर का हुआ उद्घाटन
श्री सीताराम नाम बैंक द्वारा हनुमान मंदिर घंटाघर सत्संग भवन मेें श्री नाम मंत्र जप प्रेरक मंदिर का उद्घाटन हुआ। सुबह और फिर शाम को श्री नाम जप संकीर्तन और नाम महिला पर प्रवचन का आयोजन किया। इस मौके पर ओमप्रकाश लखोटिया सहित आदि रहे।
बालाजी धाम से निकली यात्रा में उमड़े भक्त
शिव मंदिर बालाजी धाम हिंडन विहार से हनुमान जयंती के अवसर पर शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा शिव मंदिर बालाजी धाम से निकल कर हिंडन से नया बस अड्डा, पटेल नगर-2, घूकना, 100 फुटा रोड, नंदग्राम से होते हुए रामलीला मैदान पर समाप्त हुई।
मंदिर के महंत मछेंद्रपुरी महाराज ने बताया कि 24 को भंडारे के साथ हनुमानजी की छठी 27 अप्रैल को मनाई जाएगी। गुलमोहर एन्क्लेव नेहरूनगर में भी हनुमान जयंती के अवसर पर भजन संध्या हुई। भजन संध्या में टी-सीरीज के कलाकार राजू हंस, चंद्रमोहन नेगी, और नरेश नरसी ने बालाजी का गुणगान किया। इस मौके पर मनवीर सिंह सहित आदि रहे।