गंगाजल की बकाया रकम वसूलने के लिए जल निगम जल्द ही नगर निगम को डिमांड बिल जारी करेगा। नगर निगम पर करीब 15.25 करोड़ रुपया बीते वर्षों का बकाया है, इसमें अब नए वित्तीय वर्ष की रकम भी जोड़ी जाएगी।
जल निगम ने साल भर प्लांट की मेंटेनेंस और वाटर सप्लाई पर आने वाले खर्च का एस्टिमेट बनाकर नोएडा अथॉरिटी को भेजा है। यहां से क्रास चेकिंग के बाद डिमांड बिल को एप्रूवल मिलेगा। इस बिल की 46 फीसदी रकम नगर निगम से वसूली जाएगी।
गंगाजल प्लांट के प्रभारी आरके अग्रवाल ने बताया कि वित्त वर्ष शुरू होते ही साल भर में मेंटेनेंस पर आने वाले खर्च का हिसाब लगाया जाता है। जिसका 46 प्रतिशत हिस्सा नगर निगम को, 14 फीसदी जीडीए को और 40 फीसदी नोएडा अथॉरिटी को भुगतान करना होता है।
उन्होंने बताया कि इस रकम को चार किस्तों में लिया जाता है। ऐसे में पहली किस्त में करीब 1.30 करोड़ रुपये का भुगतान नगर निगम से मिलना है। निगम को लैटर भेजा जाएगा।
हालांकि उन्होंने अभी नगर निगम का गंगाजल बंद करने से इंकार किया है। उनका कहना है कि निगम पर करीब 16 करोड़ रुपया बकाया था, लेकिन निगम ने सिर्फ 75 लाख रुपये का भुगतान किया है।