आज से वसुंधरा जोन में कूड़ा कलेक्शन और सफाई करेगी निजी कंपनी
गाजियाबाद। वसुंधरा जोन की कॉलोनियों में घरों से कूड़ा कलेक्शन से लेकर सेकेंडरी कलेक्शन सेंटर की साफ-सफाई प्राइवेट कंपनी के हाथों में होगी। नगर निगम ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर सोमवार शाम से कंपनी को सफाई व्यवस्था सौंप दी। सोमवार को प्राइवेट कंपनी ने घरों से कूड़ा कलेक्शन के लिए 100 वाहन रवाना किए। नगरायुक्त और महापौर ने उन्हें हरी झंडी दिखाई।
नगर निगम के पास कूड़ा कलेक्शन के लिए वाहनों की कमी है। निगम अधिकारियों ने नए वाहन खरीदने की बजाय कूड़ा कलेक्शन करने और उसे लैंडफिल साइट तक पहुंचाने का जिम्मा निजी कंपनियों को देने की व्यवस्था शुरू की है। इसकी एवज में प्रत्येक वाहन के लिए नगर निगम 42 हजार रुपये हर माह कंपनी को देगा। नगर निगम ड्राइवर और वाहनों के ईंधन पर पैसा खर्च नहीं करेगा। सेकेंडरी कूड़ा कलेक्शन सेंटर से सेनेटरी लैंडफिल साइट तक कूड़ा पहुंचाने की जिम्मेदारी भी कंपनी को दी गई है। इसके लिए नगर निगम अपने वाहन और प्रति टन कचरे के हिसाब से कंपनी को भुगतान करेगा। महापौर आशा शर्मा ने कहा कि यह ट्रायल सफल रहा तो अन्य जोन में भी इसी पैटर्न पर सफाई व्यवस्था निजी हाथों में दी जाएगी।
नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि नगर निगम के सेनेटरी इंस्पेक्टर और नगर स्वास्थ्य अधिकारी सफाई व्यवस्था की मॉनीटरिंग कर रिपोर्ट देंगे।
आवास विकास से कचरा निस्तारण के लिए जमीन लेगा निगम
वसुंधरा कॉलोनी को बसाते वक्त आवास विकास परिषद ने यहां न तो कचरा निस्तारण के लिए जगह आरक्षित की और न ही निगम के वाहन और गैराज के लिए जगह आरक्षित की। इसकी वजह से अब निगम को कचरा निस्तारण करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि आविप अधिकारियों से दोनों सर्विस के लिए जमीन देने के लिए कहा गया है, इस पर उन्होंने सहमति दी है। जल्द ही वसुंधरा कॉलोनी में कचरा निस्तारण प्लांट लगाने और गैराज बनाने के लिए जमीन चिह्नित की जाएगी।