टीका लगवाकर रण में उतरेंगे राम-रावण
साहिबाबाद। इस बार शहर की रामलीलाओं में राम और रावण दर्शकों से पूछेंगे कि उन्होंने वैक्सीन लगाई या नहीं। यही नहीं मंच पर भी वही कलाकार होंगे जो वैक्सीन की दोनों डोज लगवा चुके हैं। स्थानीय रंगमंच के कलाकारों द्वारा की जाने वाली रामलीला में उन्हीं कलाकारों को अभिनय का मौका दिया जा रहा है जो वैक्सीन लगवा चुके हैं।
टीएचए में अब तक दो समितियों ने रामलीला करने का फैसला ले लिया है। कोविड जागरुकता के साथ बृजविहार और वैशाली सेक्टर-2 में रामलीला का मंचन किया जाएगा। बृजविहार की श्री सांस्कृतिक कला संगम समिति की ओर से इस बार रामलीला का किरदार निभाने वाले सभी मुख्य पात्र दर्शकों को कोविड के प्रति जागरूक करते रहेंगे। रामलीला समिति के महासचिव भूपेश शर्मा ने बताया कि इस बार केवल रामलीला का मंचन होगा, मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा। रामलीला सात अक्तूबर से आरंभ होगी। इसके लिए कलाकारों ने रिहर्सल शुरू कर दी है। इस बार राम, रावण, हनुमान समेत रामलीला के सभी पात्रों के लिए उन्हीं लोगों का चयन किया गया है जो वैक्सीन लगवा चुके हैं।
मुख्य द्वार पर होगी कोरोना हेल्प डेस्क
रामलीला में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को मास्क लगाना जरूरी होगा। रामलीला मैदान के मुख्य द्वार पर ही कोरोना हेल्प डेस्क रहेगी जो न केवल लोगों को जागरूक करेगी बल्कि मास्क एवं सैनिटाइजर का वितरण भी करेगी। बृज विहार के साथ ही वैशाली सेक्टर-2 की मां दुर्गा रामलीला कमेटी की ओर से भी रामलीला मंचन का फैसला कर लिया गया है। इस रामलीला का मंचन भी 7 से 16 अक्टूबर तक राम वाटिका पार्क में होगा। समिति पदाधिकारी दिनेश लखेड़ा ने बताया कि वह लोग भी कोविड के सभी नियमों का पालन कर रहे हैं।
नहीं होगी टीएचए की सबसे बड़ी रामलीला
टीएचए की जहां दो रामलीला समितियों ने मंचन का फैसला लिया है वहीं, इंदिरापुरम में होने वाली सबसे बड़ी रामलीला इस बार भी लोगों को देखने को नहीं मिलेगी। समिति पदाधिकारी राहुल ने बताया कि समिति ने फिलहाल इस बार रामलीला न करने का फैसला लिया है। रामलीला की बजाय मैदान में कोई अन्य धार्मिक अनुष्ठान कराए जाने पर चर्चा चल रही है।