100 करोड़ की ठगी के आरोपियों से पूछताछ के लिए गाजियाबाद आई वेस्ट मुंबई पुलिस
साहिबाबाद। फर्जी कॉलसेंटर खोलकर दस हजार रिटायर्ड कर्मचारियों और अधिकारियों से 100 करोड़ की ठगी के मामले में दूसरे राज्यों की पुलिस ने गाजियाबाद पुलिस से संपर्क किया है। सोमवार को वेस्ट मुंबई पुलिस की टीम ठगी के आरोपियों से पूछताछ के लिए गाजियाबाद आई, जबकि ईस्ट मुंबई पुलिस भी एक मामले में पूछताछ के लिए पहुंचने वाली है।
सीओ इंदिरापुरम एवं साइबर सेल अभय कुमार मिश्र ने बताया कि मीडिया में खबरें प्रकाशित होने और ठगी के नंबरों को राज्यों और जिलों की पुलिस से साझा करने के बाद से कई राज्यों की पुलिस ने ठगी के संबंध में गाजियाबाद पुलिस से संपर्क किया है। सोमवार को 32 लाख रुपये की ठगी के मामले में वेस्ट मुंबई पुलिस साइबर सेल आई। ईस्ट मुंबई पुलिस एक व्यक्ति से एक करोड़ 14 लाख रुपये की ठगी के मामले में वारंट लेकर गाजियाबाद के लिए रवाना हो गई है। मुंबई पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। सीओ ने बताया कि मुंबई के कई ठगी के मामले सामने आए हैं। ठगों ने कोलकाता निवासी एक व्यक्ति से 2.67 लाख रुपये और एक से दो लाख रुपये ठगे थे। तेलंगाना और गुजरात के थानों में भी आरोपियों के खिलाफ कई ठगी के मामले दर्ज हैं। दोनों राज्यों की पुलिस ने साइबर सेल गाजियाबाद से संपर्क किया है।
खंगाले जाएंगे आरोपियों के खाते
साइबर सेल के एसआई सुमित कुमार ने बताया कि आरोपी घनश्याम ने महालक्ष्मी के नाम से ट्रस्ट खोला हुआ था। जिसमें खातों से ठगी के रुपये निकालकर ट्रस्ट के माध्यम से एक नंबर में करता था। फिलहाल लेनदेन का विवरण नहीं मिल सका है। इसके साथ ही 51 खातों में से तीन खातों का विवरण पुलिस को मिला है। इसमें एक खाते में 35 लाख, एक में 25 और एक में 15 लाख रुपये का विवरण मिला है। यह किनके नाम पर हैं, इसकी डिटेल पुलिस बैंक खुलने पर निकलवाएगी।
नहीं लगा फरार आरोपियों का सुराग
ठगी का गिरोह चलाने वाले घनश्याम, धर्मेंद्र और राहुल का साथ देने वाले फरार आरोपी सुमित, अंकित और कॉलिंग करने वाली युवती का पुलिस तीन दिन बाद भी सुराग नहीं लगा सकी है। सभी आरोपियों ने अपने नंबर बंद किए हुए हैं। एसएचओ संजय पांडेय ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए टीमें संभावित स्थानों पर दबिश दे रहीं हैं। जल्द ही इन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।