2023 तक 10.30 लाख प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगेंगे
गाजियाबाद। जिले में ढाई साल के अंदर करीब सवा दस लाख प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। इसके लिए बिजली विभाग ने सर्वे पूरा कर लिया है। जिले में 1000 करोड़ से विद्युत व्यवस्था को लेकर होने वाले कार्यों के प्रस्ताव में प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाना भी शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि 2023 तक घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगेंगे।ह्यष्
पिछले दिनों बिजली विभाग ने पुर्नोत्थान योजना के तहत बिजली व्यवस्था को लेकर सर्वे कराया था, इसमें 12 बिंदुओं पर विकास कार्यों को विभाग ने शामिल किया था। उपकेंद्र, जर्जर तार बदलना जैसे कार्योें के साथ प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाने की योजना विद्युत निगम की है। विद्युत निगम के अधिकारियों का कहना है कि प्रस्ताव पास होने और बजट जारी होने के बाद मीटर की लागत तय की जाएगी। फिलहाल सर्वे की रिपोर्ट मुख्यालय और शासन को भेजी गई है।
इन उपभोक्ताओं के बदलेेंगे मीटर
घरेलू 08 लाख
वाणिज्यिक 02 लाख
औद्योगिक 30 हजार
मोबाइल पर कभी भी मिलेगी मीटर रीडिंग
स्मार्ट मीटर को उपभोक्ताओं के मोबाइल से भी जोड़ा जाएगा। इसकी बदौलत उपभोक्ताओं को किसी भी स्थान पर घर या दुकान की रीडिंग के बारे में जानकारी मिल सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि अगर रीडिंग में कहीं उपभोक्ताआें को गड़बड़ लगती है तो तुरंत इसकी शिकायत कर सकेंगे। अगर किसी उपभोक्ता का कनेक्शन काटना है तो कर्मचारियों को मौके पर जाने की जरूरत नहीं होगी। संबंधित उपकेंद्र से ही मीटर बंद कर आपूर्ति रोकी जा सकेगी।
ऐसे काम करेगा प्री-पेड स्मार्ट मीटर
प्री-पेड मीटर को रिचार्ज करने के बाद आपूर्ति उपभोक्ताओं को मिल सकेगी। मीटर में लगी डिवाइस आसपास के मोबाइल टावर के जरिये विद्युत निगम के ऑफिस में ही मीटर रीडिंग पहुंचाएगी। इसके बाद मीटर रीडर का काम भी खत्म होगा। मीटर से छेड़छाड़ करना भी उपभोक्ताओं के लिए नामुमकिन होगा। मीटर से छेड़छाड़ करने पर संबंधित बिजलीघर में सिग्नल के जरिये अधिकारियों को जानकारी मिल सकेगी। मीटर रिचार्ज करने में उपभोक्ता को अधिक परेशानी नहीं होती। एकाउंट आईडी देकर बिलिंग काउंटर से इसे रिचार्ज कराया जा सकता है। मोबाइल पर मैसेज के जरिये उपभोक्ताओं को रिचार्ज खत्म होने की जानकारी मिलेगी।
अन्य जिलों में उपभोक्ताओं ने झेली हैं परेशानियां
लखनऊ सहित कई शहरों में उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर लगने के बाद कुछ परेशानियां झेली हैं। खराब क्वालिटी के मीटर का मामला भी सालभर पहले गरमाया रहा। इसके अलावा स्मार्ट मीटर से अधिक बिल आने की कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की हैं।
प्रस्ताव पास होने का इंतजार
पुर्नोत्थान वितरण क्षेत्र योजना के तहत प्री-पेड स्मार्ट मीटर लगाने की योजना है। साल 2023 तक इस योजना को पूरा किया जाना हे। शासन से प्रस्ताव पास होने और बजट मिलने के बाद आगे की योजना तैयार की जाएगी।
पंकज, मुख्य अभियंता, विद्युत निगम