साहिबाबाद से चोरी कर डेढ़ लाख में बेचा बच्चा बरामद
साहिबाबाद। अलीगढ़ पुलिस द्वारा बच्चा चोरी कर निसंतान परिवार को बेचने वाले गिरोह से पूछताछ करने के बाद साहिबाबाद से चोरी किया गया दूसरा बच्चा भी पुलिस ने मंगलवार शाम को सकुशल बरामद कर लिया। साहिबाबाद पुलिस ने दो महिलाओं को हिरासत में लिया है। डेढ़ लाख रुपये में डेढ़ वर्षीय बच्चे को दादरी के एक परिवार को बेचा गया था।
साहिबाबाद थाना क्षेत्र में हज हाउस के पास झुग्गी से 23 दिसंबर 2020 को संजू का डेढ़ वर्षीय बच्चा चोरी हो गया था। संजू ने साहिबाबाद थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। अलीगढ़ पुलिस द्वारा सोमवार को पकड़े गए बच्चा चोर गिरोह से पांच बच्चे बरामद किए गए थे। इनमें साहिबाबाद से चोरी किए गए बच्चे आजम और आरब की जानकारी हुई थी। साहिबाबाद पुलिस ने अलीगढ़ पहुंचकर आजम को लेकर परिजनों को सुपुर्द किया। वहीं पकड़े गए आरोपियों से और अलीगढ़ पुलिस से बेचे गए दूसरे बच्चे आरब के बारे में जानकारी की। एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि साहिबाबाद पुलिस की टीम ने दादरी से एक महिला को हिरासत में लिया। जबकि दूसरी महिला को बादलपुर छपरौला के पास से हिरासत में लिया। उनकी निशानदेही पर दादरी निवासी एक परिवार के पास से आरब को सकुशल बरामद किया। एसपी सिटी ने बताया कि सीओ साहिबाबाद आलोक दुबे समेत अन्य पुलिस की टीम दोनों महिलाओं से पूछताछ कर रही है। जानकारी की जा रही है कि कितने बच्चे चोरी किए और किसको कहां पर बेचा गया है। गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं।
दोनों महिलाओं के माध्यम से बेचा था बच्चा
एसएचओ साहिबाबाद नागेंद्र चौबे ने बताया कि दोनों महिलाओं ने पुलिस को बताया कि दुर्योधन निवासी अलीगढ़ को अलीगढ़ पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। दुर्योधन ने ही 23 दिसंबर 2020 को बच्चे को साहिबाबाद के हज हाउस से चोरी किया था। इसके बाद दादरी निवासी महिला के माध्यम से एक निसंतान परिवार को बच्चे को डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया था। परिवार को दुर्योधन ने यह कहा था कि उनकी पत्नी की मौत हो गई है। दूसरी पत्नी बच्चे को साथ रखना नहीं चाहती है। इसके लिए वह इस बच्चे को बेच रहे हैं। एसएचओ ने बताया कि 26 दिसंबर को बच्चे को बेचा गया था।
दोनों महिलाओं को मिले थे पांच हजार रुपये
एसएचओ साहिबाबाद ने बताया कि पूछताछ में महिलाओं ने बताया कि उन्होंने पहली ही घटना की है। इसके लिए उन्हें पांच-पांच हजार रुपये मिले थे। दादरी वाली महिला एक फैक्टरी में काम करती थी। जबकि छपरौला निवासी दूसरी महिला घर पर ही रहती है। इनका संपर्क दुर्योधन निवासी अलीगढ़ से कैसे हुआ। इसकी भी जानकारी की जा रही है। एसएचओ ने बताया कि पहले बच्चे को मुंबई में बेचे जाने की बात कहकर गुमराह किया गया था। लेकिन सख्ती से पूछताछ करने और सर्विलांस की मदद से पुलिस की टीम ने दादरी से बच्चे को बरामद किया।