प्रताप नगर कॉलोनी से लोगो का पलायन शुरू। फाइल फोटो
रास्ता बंद होने से छह परिवारों ने छोड़ा घर
गाजियाबाद। प्रताप नगर के लोगों का पुलिस ने रास्ता बंद कर दिया है। रास्ता बंद होने से लोगों को चार मिनट का रास्ता 40 मिनट में तय करना पड़ रहा है। इससे कॉलोनी के परिवारों घर छोड़ना शुरू कर दिया है। अब तक छह परिवार कॉलोनी छोड़ चुके हैं। आरोप है कि 500 मीटर केरास्ते के लिए अब लोगों को चार किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस रास्ते पर कोई सवारी भी नहीं है। उन्हें पैदल ही रास्ता तय करना पड़ता है। यहां पर एक महीने में चार महिलाओं केसाथ लूट की वारदात हो चुकी हैं। लोगों ने आरोप लगाया है कि पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर समस्या समाधान केलिए जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट लिए, लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं कर रहा है।
प्रताप नगर के लोगों का कहना है कि कॉलोनी का रास्ता पुलिस लाइन बनने से पहले से है। कोरोना के कारण पुलिस ने 2020 में रास्ते को बंद कर दिया था। जब कोरोना की स्थिति सामान्य हुई तो पुलिस ने रास्ते को नहीं खोला। कई बार अधिकारियों से मिलकर समस्या बताई गई, उन्होंने समाधान करने से मना कर दिया है। इसके विरोध में 24 जून को लोग धरना देकर बैठ गए। धरनास्थल पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने लोगों केसाथ अभद्रता की। साथ ही कालोनी के 50 से ज्यादा लोगों केखिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी। लोगों ने बताया कि अब मामला कोर्ट में है। एक अगस्त को उसमें सुनवाई होनी है। सोसायटी के अध्यक्ष सतीश शर्मा ने बताया कि पहले लोगों ने यह मकान बिकाऊ है के पोस्टर अपने घरों पर चस्पा कर दिए थे। अब लोगों ने कॉलोनी छोड़नी शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि अब तक छह परिवार घर छोड़ चुके हैं। ऐसी स्थिति में कौन रुकेगा। अंग्रेजों केसमय से रास्ता निकला हुआ है, जिसे पुलिस ने बंद कर दिया है। डीएम, एसएसपी और आईजी के अलावा मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी से कई बार मिलकर शिकायत कर चुकेहैं, लेकिन उन्होंने भी समस्या का समाधान नहीं कराया है। सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह के आवास पर भी कई बार गए वहां से भी कोई जवाब नहीं मिला। सीओ लाइंस महिपाल सिंह का कहना है कि मामला अभी कोर्ट में लंबित है। न्यायालय के आदेश का इंतजार किया जा रहा है। वहां से जो भी दिशा निर्देश मिलेंगे, उनका पालन किया जाएगा।