दिल्ली-मेरठ हाईवे पर दिसंबर माह से छह फुटओवर ब्रिज (एफओबी) का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। रैपिड रेल कॉरिडोर के एलिवेटेड ट्रैक के नीचे एफओबी का निर्माण किया जाना है। एनसीआरटीसी ने पहले एफओबी का मोहिउद्दीनपुर में निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। बाकी के लिए स्थानीय प्रशासन की मदद से जमीन चिह्नित करने का दो सप्ताह के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। एफओबी निर्माण से पहले बिजली के तारों सहित अन्य सुविधाओं को स्थानांतरित करने का काम शुरू किया जाएगा।
इन स्थानों के पास प्रस्तावित हैं एफओबी
एनसीआरटीसी अपने स्तर से सभी एफओबी का निर्माण कर रहा है। दिल्ली-मेरठ हाईवे पर पहला एफओबी सिहानी चुंगी के आसपास, दूसरा मुरादनगर ऑर्डिनेंस फैक्टरी, तीसरा रेलवे रोड मुरादनगर के पास, चौथा रेलवे स्टेशन रोड मोदीनगर के पास, पांचवां मोदीनगर बस स्टैंड के आसपास और आखिरी एफओबी हापुड़ रोड पर मोदीनगर राज चौपला के निकट बनना प्रस्तावित है। रैपिड कॉरिडोर में व्यस्त जगहों, पैदल यात्रियों की अधिक आवाजाही और घनी आबादी को ध्यान में रखते हुए स्थानों पर मुहर लगाई जाएगी। पैदल यात्रियों के लिए हाईवे पर एक भी फुटओवर ब्रिज नहीं है। पैदल यात्रियों को जान को जोखिम में डालकर सड़क को पार करना पड़ता है। ऐसे में सभी एफओबी लोगों को बड़ी राहत देंगे।
एस्केलेटर सहित डिजाइन में अन्य सुविधाओं का ध्यान
एनसीआरटीसी के अधिकारियों के मुताबिक रैपिड रेल कॉरिडोर में बनाए जाने वाले फुटओवर ब्रिज का डिजाइन यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका डिजाइन एनसीआरटीसी ने एक पेशेवर एजेंसी से कराया है। व्यस्त मार्गों पर बनने वाले एफओबी में एस्केलेटर की सुविधा प्रदान की जाएगी। एफओबी में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, चढ़ने व उतरने के लिए सीढ़ियों के डिजाइन के साथ सुरक्षा संबंधी बिंदुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा। एफओबी का काम बगैर यातायात को प्रभावित करते हुए किया जाएगा। एनसीआरटीसी की ओर से निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
स्थानीय प्रशासन के सहयोग से जारी है काम
दिल्ली-मेरठ हाईवे पर प्रस्तावित सभी एफओबी के निर्माण के लिए स्थानीय प्रशासन का पूरा सहयोग मिल रहा है। प्रशासन से जगह चिह्नित करने के बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
-- पुनीत वत्स, सीपीआरओ, एनसीआरटीसी