एसीपी नरेश कुमार ने बताया कि समद पुत्र आरिफ सिकरोड़ा गांव के ही पूर्व माध्यमिक विद्यालय में चौथी कक्षा का छात्र था। घर से वह अपने दो साथियों के साथ खेलने गया था। खेल-खेल में समद एक्सप्रेसवे पर चला गया जबकि उसके साथी नीचे ही रहे। इस दौरान गाजियाबाद से मेरठ जा रहे कैंटर ने उसे कुचल दिया। उन्होंने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
वहीं, शव को सड़क पर पड़ा देख रुकी स्विफ्ट कार में पीछे से घुसी अर्टिगा, स्कोडा और आई-10 कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। सभी कार चालक अपने-अपने वाहन लेकर चले गए। एडीसीपी यातायात रामानंद कुशवाहा का कहना है कि मामले में बच्चे के परिजनों की लापरवाही सामने आई है। एक्सप्रेसवे पर पैदल चलना और दो पहिया वाहन प्रतिबंधित है।
गम में बदला खुशी का माहौल
समद के चाचा अलाउद्दीन ने बताया कि समद की बुआ की पांच दिसंबर को शादी है। बरात बागपत के निवाडे़ से आनी है। घर में खुशी का माहौल था, शादी की तैयारियां चल रही थीं लेकिन हादसे में बच्चे की मौत के बाद परिवार में कोहराम मच गया। अब सूक्ष्म रूप से शादी समारोह का कार्यक्रम होगा। समद चार भाइयों में सबसे बड़ा था। इसके तीन भाई आतिफ, समर और सुभान हैं।