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उपलब्धियों को पीटा ढोल...घोटालों पर हो गए गोल

Sat, 04 Mar 2017 09:04 PM IST
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
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नगर निगम - फोटो : अमर उजाला
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 एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर मेयर अशु वर्मा ने जनता को विकास कार्यों का हिसाब दिया। शनिवार को निगम मुख्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान महापौर ने दावा किया कि महज 10 महीने में उन्होंने 250 करोड़ के विकास कार्य कराए हैं। यह निगम में अब तक का सबसे बड़ा रिकार्ड है।
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हालांकि पत्रकारों ने जब नगर निगम में हुए घोटालों के सवाल उठाए तो महापौर कन्नी काट गए।उन्होंने कहा कि दो महीने आचार संहिता में चले जाने से काम करने के लिए उन्हें सिर्फ 10 महीने मिले हैं।

इसमें निर्माण विभाग में 169.5 करोड़ की लागत से सड़क, नाले, नालियां, पार्कों की बाउंड्रीवॉल और इंटरलाकिंग टाइल्स लगाने के 1681 काम स्वीकृत हुए और अधिकांश पूरे हो चुके हैं। कार्य आचार संहिता की वजह से रुके 34.5 करोड़ के 383 निर्माण 15 मार्च के बाद शुरू हो जाएंगे। जलकल विभाग में 53 करोड़ रुपए के विकास कार्य कराए गए हैं।
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588 नए हैंडपंप, 487 रिबोर हैंडपंप औैर 96 ट्यूबवेल 10 एचवी के लगाए गए हैं। इनके अलावा 4 डीप बोरवेल और 1372 स्थानों पर सीवर, पानी की पाइप लाइन डालने और रिपेयरिंग के काम किए जा रहे हैं। सीवर-वाटर लाइन पर 43.57 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं।

महापौर ने बताया कि ‘तेल का खेल’ रोकने के लिए निगम की 200 गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया जा रहा है, अब तक 82 में लगाया जा चुका है। प्रेसवार्ता में नगर आयुक्त अब्दुल समद, अपर नगरायुक्त डीके सिन्हा, चीफ इंजीनियर आरके मित्तल, पार्षद राजीव भाटी, बाबू सिंह आर्य, सत्यपाल यादव समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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चुनावी घोषणा की पूरी
मेयर का कहना है कि शहर में 67 वाटर एटीएम और 60 हजार एलईडी लाइटें लगाई जा रही हैं। यह उनके चुनावी वादे भी थे। सीवर ओवरफ्लो से निजात दिलाने के लिए 131 करोड़ के बजट से सीवर ट्रंक लाइन की सफाई और पीवीसी कोटिंग की जा रही है।

जल्द ही शहर के तीनों गेटों का सौंदर्यीकरण, कांवड़ यात्रियों के लिए विश्राम स्थल और दशमेश वाटिका का विकास किया जाएगा। जोनवार विज्ञापन का ठेका छोड़कर निगम की इनकम 3.53 करोड़ से बढ़कर 10 करोड़ करा दी गई है। 43266 नई प्रॉपर्टियों को चिह्नित कर टैक्स के दायरे में लाया गया है।
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घोटालों पर काटी कन्नी
निगम में हुए डस्टबिन, सोलर लाइट, ट्रैक्टर-ट्रॉली खरीद, कंप्यूटर खरीद समेत हुए कई घोटालों पर महापौर ने कन्नी काट ली। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में एक भी घोटाला नहीं हुआ है। बल्कि नाला निर्माण में अनियमितता पकड़कर ठेकेदार पर 2.5 लाख का जुर्माना लगाया गया है। एक अवर अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई है।
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