गाजियाबाद। पांच साल से निर्माणाधीन 750 मीटर लंबे मधुबन-बापूधाम रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के इसी साल पूरा होने की उम्मीद है। जीडीए अधिकारियों के अनुसार, रेलवे की ओर से ट्रैक के ऊपर स्पैन रखने का काम करीब 95 फीसदी पूरा हो चुका है। 30 नवंबर तक आरओबी को जीडीए को हैंडओवर करने की डेडलाइन तय की गई है। इसके बाद सेतु निगम स्पैन को सड़क से जोड़ने का काम शुरू करेगा। इसमें करीब एक माह लग सकता है।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) के मुख्य अभियंता आलोक रंजन ने बताया कि करीब 63 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आरओबी चार लेन का है। रेलवे को 36 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। काम समय से पूरा कराने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। इस साल के अंत में या नए साल के पहले महीने में आरओबी को यातायात के लिए खोलने की तैयारी है। इससे मधुबन-बापूधाम योजना के साथ ही शहर के लोगों को भी राहत मिलेगी।
बचेगा 14 किलोमीटर का सफर
जीडीए अधिकारियों के अनुसार, आरओबी बनने से हापुड़ रोड से मेरठ रोड के बीच सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। इससे करीब 14 किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा। गोविंदपुरम, शास्त्रीनगर, स्वर्णजयंतीपुरम समेत आसपास के कई इलाकों के करीब पांच लाख लोगों का सफर आसान होगा। इसका फायदा मधुबन-बापूधाम योजना के औद्योगिक क्षेत्रों को भी मिलेगा। जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने भी सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर आरओबी का काम तेजी से पूरा कर इसे आम लोगों के लिए जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।