मोदीनगर तय करेगा बागपत की जीत
गाजियाबाद। पश्चिम यूपी की सबसे अहम सीटों में शुमार बागपत की लोकसभा सीट का अगला चौधरी कौन होगा? भाजपा जीतेगी या फिर गठबंधन के बीच रालोद बाजी मारने में सफल होगी? इस सवाल का जवाब 11 अप्रैल को ईवीएम में बंद हो जाएगा। चुनाव में मोदीनगर विधानसभा की भूमिका काफी अहम होगी।
गाजियाबाद जिले की मोदीनगर विधानसभा सीट में सबसे ज्यादा किसान हैं। यहां पर किसानों की मुद्दा सबसे अहम है। खासकर गन्ना बकाया भुगतान का मुद्दा चुनाव के केंद्र में रहने की संभावना है। मोदी मैजिक के बीच वर्ष 2014 के लोकसभा चुनावों में सत्यपाल सिंह ने रालोद के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह को पटकनी दी थी। यहां तक मोदीनगर विधान सभा में अजित सिंह दूसरे नंबर पर भी नहीं रहे थे। यहां पर सत्यपाल सिंह के 99472 मत मिले थे, जबकि बसपा प्रत्याशी प्रशांत चौधरी 39599 वोट लेकर दूसरे स्थान पर रहे थे। भाजपा प्रत्याशी को सबसे ज्यादा वोट मोदीनगर विधान सभा क्षेत्र में ही मिले थे। इस स्थिति में रालोद के सामने भाजपा के किले को ध्वस्त करने की चुनौती रहेगी। इस बार रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी के मैदान में उतरने की संभावना है जो लगातार मोदीनगर विधान सभा क्षेत्र का दौरा भी कर रहे हैं। वहीं, सत्यपाल सिंह व स्थानीय विधायक मंजू सिवाच भी क्षेत्र में सक्रिय हैं।
जाट और मुस्लिम सबसे ज्यादा
मोदीनगर विधान सभी क्षेत्र में मौजूद वक्त में 3.40 लाख से अधिक मतदाता हैं। इसमें जाट और मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अधिक है। उसके बाद त्यागी और ब्राह्मण वोट हैं। बीते चुनावों में जाटों ने बड़ी संख्या में भाजपा को वोट दिया था, जिसके चलते अजित सिंह दूसरे नंबर भी नहीं आ पाए थे।
जातिगत मतों की तस्वीर
जाट - 45 हजार से अधिक
मुस्लिम - 40 हजार से अधिक
मुस्लिम - 38 से 40 हजार
त्यागी - करीब 20 हजार
ब्राह्मण - 20 से 25 हजार
अनुसूचित जाति - 25 से 27 हजार
ठाकुर - 15 से 20 हजार
गुर्जर - करीब 15 से 18 हजार