नोएडा इलेक्ट्रॉनिक सिटी से मोहननगर तक प्रस्तावित मेट्रो फेज-3 कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू होने में संशोधित डीपीआर प्रमुख बाधा बनी है। बीते साल अक्तूबर में फेज-तीन कॉरिडोर का साहिबाबाद की जगह मोहननगर तक विस्तार करने के शासन ने निर्देश दिए थे।
इसके बाद जीडीए ने डीएमआरसी को कॉरिडोर के अलाइनमेंट में हुए बदलाव के तहत संशोधित डीपीआर तैयार कर देने को कहा था। संशोधित डीपीआर के लिए जीडीए डीएमआरसी को 40 लाख का भुगतान कर चुका है। लेकिन पांच माह बीतने के बावजूद अब तक संशोधित डीपीआर जीडीए को नहीं मिल सकी है।
जीडीए के अधिकारियों के मुताबिक फेज-3 की संशोधित डीपीआर माह के अंत तक मिलने की संभावना है। लेकिन पांच माह केवल संशोधित डीपीआर के कारण ही जाया हो गए। लखनऊ में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में पहले के नोएडा से साहिबाबाद कॉरिडोर का मोहननगर तक विस्तार करने के निर्देश दिए गए।
शासन की मानें तो मोहननगर के नोएडा से जुड़ने से रेड लाइन की सीधी कनेक्टिविटी के साथ महानगर के लोगों को बहुत लाभ मिलेगा। लोग निर्बाधा नोएडा और ग्रेटर नोएडा के साथ कालिंदी कुंज पहुंच सकेंगे। पहले नोएडा सेक्टर-62 से साहिबाबाद तक 5.11 किमी लंबे कॉरिडोर की डीपीआर पहले से तैयार थी।
डीएमआरसी को केवल वसुंधरा से मोहननगर तक ही कॉरिडोर के अलाइनमेंट में बदलाव कर संशोधित डीपीआर तैयार करनी थी। लेकिन संशोधित डीपीआर को तैयार करने में पांच माह बीतने से सवाल उठने लगे हैं। संशोधित डीपीआर के लिए डीएमआरसी ने जीडीए से अतिरिक्त 20 लाख की मांग की, जिसे दे दिया गया।