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गाजियाबाद: 85 लाख लूटकर 11 साल से मुंबई में फरारी काट रहा था 25 हजार का इनामी, एसटीएफ ने दबोचा

Sun, 31 Oct 2021 05:19 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद

सार

आरोपी ने इंदिरापुरम में 23 अक्तूबर 2010 को इंदिरापुरम में सतीश नाम के शख्स से रुपयों से भरा बैग लूट लिया था। एसटीएफ ने पूछताछ के बाद 25 हजार के इनामी को इंदिरापुरम पुलिस को सौंप दिया है। 
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) मुरादाबाद ने 11 साल पूर्व इंदिरापुरम में सतीश से 85 लाख लूटने के मामले में फरार 25 हजार के इनामी दीपक उर्फ पप्पू को गिरफ्तार किया है। एसटीएफ ने आरोपी को इंदिरापुरम पुलिस को सौंप दिया है। थाना पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। वह मुंबई में हुलिया बदलकर कुछ समय तक मजदूरी कर बाद में फरारी काट रहा था। 

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सीओ अभय मिश्र ने बताया कि 23 अक्तूबर 2010 को गौड़ ग्रीन निवासी सतीश से इंदिरापुरम में लुटेरों ने 85 लाख रुपयों से भरा बैग लूटा था। घटना के बाद पुलिस लुटेरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही थी, जिसमें पुलिस ने आदर्श नगर सिविल लाइन मुरादाबाद में रहने वाले यशपाल, राजेश और अखिलेश को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जबकि दीपक उर्फ पप्पू फरार हो गया था। 

उसपर वरिष्ठ अधिकारियों ने 25 हजार का इनाम घोषित कर तलाश तेज कर दी। शनिवार को एसटीएफ ने उसे मुरादाबाद के कटघर से गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने पूछताछ के बाद उसे इंदिरापुरम थाना पुलिस को सौंप दिया। पूछताछ में पता चला कि दीपक लूट के बाद ट्रेन से मुंबई भाग गया था। वहां परिचित और साथियों के बीच हुलिया बदलकर रहने लगा था। दिखावे के लिए वह मजदूरी करता था। 
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पुलिस को आशंका है कि दीपक मुंबई में किसी गिरोह में शामिल होकर अपराध करता था। लिहाजा, गाजियाबाद पुलिस अब उसकी कुंडली खंगालने के लिए महाराष्ट्र पुलिस ने बातचीत करेगी।

पुलिस का कहना है कि दीपक इतना शातिर था कि वह पकड़े जाने के डर से परिवार के लोगों से भी संपर्क नहीं रखता था। जब कभी भी उसको परिवार से बात करनी होती थी वह मुंबई के टेलीफोन बूथ पर जाकर कुछ मिनट ही बात करता था। परिवार से बात करने पर वह किसी को अपनी लोकेशन नहीं बताता था। 

कोरोना में जब परिवार को काफी मुश्किल हुई तो इस बारे में दीपक को पता चला और उसने दिवाली परिवार के साथ मनाने का फैसला किया। दो-तीन दिन पहले ही वह घर आया था। इस दौरान एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया।

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