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गैंगस्टर अंकित गुर्जर हत्या केस: तिहाड़ जेल के उप अधीक्षक समेत जेल कर्मियों पर हत्या का मामला दर्ज, निलंबित भी हुए

Tue, 10 Aug 2021 07:53 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

अंकित गुर्जर की मां खेला गांव बागपत यूपी निवासी गीता देवी की शिकायत के मुताबिक, छोटे बेटे अंकुर ने पहले बताया था कि जेल के उप अधीक्षक नरेंद्र मीणा और उसके साथियों ने अंकित से एक लाख रुपये मांगे थे।
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Tihar Jail - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली की तिहाड़ जेल नंबर तीन में बंद गैंगस्टर अंकित गुर्जर की मौत के मामले में हरिनगर थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। अंकित की मां की याचिका पर अदालत के आदेश और उसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। अंकित की मां ने उप अधीक्षक व जेलकर्मियों पर अंकित की पीट-पीट कर हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस जल्द ही इस मामले में आरोपी जेल कर्मियों से पूछताछ करेगी। उधर मामला दर्ज होने के बाद जेल प्रशासन ने उप अधीक्षक समेत चार जेलकर्मियों को निलंबित कर दिया है।

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अंकित गुर्जर की मां खेला गांव बागपत यूपी निवासी गीता देवी की शिकायत के मुताबिक, छोटे बेटे अंकुर ने पहले बताया था कि जेल के उप अधीक्षक नरेंद्र मीणा और उसके साथियों ने अंकित से एक लाख रुपये मांगे थे। इसमें से पचास हजार रुपये दे दिए थे, लेकिन 50 हजार रुपये नहीं मिलने पर वह अंकित को परेशान कर रहा है।

मां ने ये भी बताया कि बेटी की दो अगस्त को अंकित से बात हुई थी, जिसमें उसने उप अधीक्षक पर पैसे के लिए परेशान करने और जान से मारने की धमकी देने सरीखे सनसनीखेज आरोप लगाए थे। गीता देवी ने अपनी शिकायत में आगे आरोप लगाया है कि नरेंद्र मीणा और उसके साथियों ने चार अगस्त को अंकित की पीट-पीट कर हत्या की है।
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पुलिस के मुताबिक चार अगस्त को अंकित की बहन ने पुलिस को बताया कि जेल में उसके भाई अंकित की पिटाई की गई है और जेल वाले उसका इलाज नहीं करवा रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस तिहाड़ जेल नंबर तीन पहुंची। जहां पुलिस को पता चला कि अंकित सुबह में अपने वार्ड में अचेत मिला था। उसे अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया है। घटना की जानकारी मजिस्ट्रेट को दी गई।

मजिस्ट्रेट के आदेश पर पुलिस ने पांच अगस्त को उसके शव का डॉक्टरों के पैनल से एम्स में पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। 9 अगस्त को पुलिस को अंकित का पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिला। जिसमें चोट की वजह से शरीर के अंदरूनी हिस्से में खून का रिसाव होने को मौत का कारण बताया गया है। पुलिस ने मां के बयान और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर लिया। 

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वार्ड बदलने के दौरान जेलकर्मियों पर अंकित पर हमला करने का लगाया आरोप

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस जब जेल नंबर तीन पहुंची तो जेलकर्मियों ने पुलिस को बताया कि जेल कर्मियों ने अंकित के सेल की जांच की थी। जिसमें एक मोबाइल फोन, डाटा केबल और एक चाकू मिला था। उसके बाद अंकित व उसके सेल में मौजूद दो कैदियों गुरप्रीत और गुरजीत को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। इस दौरान अंकित व अन्य कैदियों ने उप अधीक्षक नरेंद्र मीणा व अन्य जेलकर्मियों से मारपीट की थी। जिसमें उप अधीक्षक को गंभीर चोट लगी और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जेल कर्मियों ने पुलिस को बताया कि  4 अगस्त को अंकित सेल में अचेत मिला। उसे तुरंत तिहाड़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान उसके सेल में बंद गुरप्रीत और गुरजीत भी घायल मिले थे।

अंकित की मां ने अदालत में दिया था आवेदन 
अंकित गुर्जर की मां गीता देवी ने तीस हजारी अदालत में एक आवेदन देकर हत्या का मामला दर्ज करवाने की मांग की थी। सात अगस्त को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस को मामला दर्ज करने और घटनास्थल के आस पास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को जब्त करने का आदेश दिया।

उप अधीक्षक समेत चार जेलकर्मी निलंबित 
हत्या का मामला दर्ज होने के बाद जेल प्रशासन ने उप अधीक्षक समेत चार जेल कर्मियों को निलंबित कर दिया है। घटना के बाद इनपर अंकित के साथ मारपीट करने का आरोप लग रहा था। जेल प्रशासन ने इन चारों को जेल नंबर तीन से हटाकर जेल मुख्यालय में भेज दिया था। 9 अगस्त को हत्या का मामला दर्ज करने के बाद मंगलवार को इन्हें निलंबित कर दिया गया। निलंबित होने वालों में उप निरीक्षक , दो सहायक अधीक्षक और एक वार्डर शामिल है।
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