घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस जब जेल नंबर तीन पहुंची तो जेलकर्मियों ने पुलिस को बताया कि जेल कर्मियों ने अंकित के सेल की जांच की थी। जिसमें एक मोबाइल फोन, डाटा केबल और एक चाकू मिला था। उसके बाद अंकित व उसके सेल में मौजूद दो कैदियों गुरप्रीत और गुरजीत को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। इस दौरान अंकित व अन्य कैदियों ने उप अधीक्षक नरेंद्र मीणा व अन्य जेलकर्मियों से मारपीट की थी। जिसमें उप अधीक्षक को गंभीर चोट लगी और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जेल कर्मियों ने पुलिस को बताया कि 4 अगस्त को अंकित सेल में अचेत मिला। उसे तुरंत तिहाड़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया। इस दौरान उसके सेल में बंद गुरप्रीत और गुरजीत भी घायल मिले थे।
अंकित की मां ने अदालत में दिया था आवेदन
अंकित गुर्जर की मां गीता देवी ने तीस हजारी अदालत में एक आवेदन देकर हत्या का मामला दर्ज करवाने की मांग की थी। सात अगस्त को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस को मामला दर्ज करने और घटनास्थल के आस पास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को जब्त करने का आदेश दिया।
उप अधीक्षक समेत चार जेलकर्मी निलंबित
हत्या का मामला दर्ज होने के बाद जेल प्रशासन ने उप अधीक्षक समेत चार जेल कर्मियों को निलंबित कर दिया है। घटना के बाद इनपर अंकित के साथ मारपीट करने का आरोप लग रहा था। जेल प्रशासन ने इन चारों को जेल नंबर तीन से हटाकर जेल मुख्यालय में भेज दिया था। 9 अगस्त को हत्या का मामला दर्ज करने के बाद मंगलवार को इन्हें निलंबित कर दिया गया। निलंबित होने वालों में उप निरीक्षक , दो सहायक अधीक्षक और एक वार्डर शामिल है।