उत्तर-पूर्वी जिला की साइबर थाना पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में दो सगे भाइयों के अलावा एक बीटेक इंजीनियर भी शामिल है। आरोपियों ने वेस्ट करावल नगर के कारोबारी से 11 लाख रुपये की ठगी की थी।
आरोपियों की पहचान कुलदीप जोशी, इसका छोटा भाई दीपक जोशी, आदर्श और जमशेद अंसारी के रूप में जुई है। जमशेद कंप्यूटर साइंस से बीटेक किया हुआ है। इसके अलावा आदर्श ने डीयू से ग्रेजुएशन जबकि दीपक अभी डीयू से ग्रेजुएशन कर रहा है। कुलदीप 12वीं पास है। पुलिस ने आरोपियों के पास से छह मोबाइल, एक लैपटॉप, तीन हार्डडिस्क व अन्य सामान बरामद किया है। आरोपी कारोबारियों को निशाने पर लेकर उनके सामान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मार्केट में लिस्ट करवाने का झांसा देते थे। उनका कहना था कि एक बार लिस्ट करवाने के बाद उनके सामान के खरीदार आने लगेंगे।
पुलिस उपायुक्त डॉ. जॉय टिर्की ने बताया कि चार सितंबर को वेस्ट करावल नगर निवासी बासु सिंह नामक एक कारोबारी ने करीब 11 लाख रुपये साइबर ठगी की शिकायत पुलिस से की थी। पीड़ित ने बताया कि उनका आर्ट एंड क्राॅफ्ट का कारोबार है। सोशल मीडिया के जरिए कुछ लोगों की जानकारी मिली थी। इन लोगों ने खुद को भारतीय एक्सपोर्टर बताकर कहा कि वह उसके प्रोडक्ट को अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर की मार्केट में लिस्ट करवा देंगे। इसके बाद उनके प्रोडक्ट के खरीदार आने लगेंगे। पीड़ित इनके झांसे में आ गया और करीब 11 लाख रुपये आरोपियों को अलग-अलग मदों में दे दिए।
आरोपियों ने बना रखी थी फर्जी कंपनी
आरोपियों ने वेब-ए-भारत डिजिटल मीडिया प्राइवेट लिमिटेड और भारतीय एक्सपोर्टर के नाम से दो कंपनियां बनाई हुई थीं। पीड़ित को मार्केट में लिस्ट करवाने के नाम पर शुरुआत में 5900 रुपये लिए गए। इसके बाद पीड़ित के पास अंतरराष्ट्रीय नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को यूके का नागरिक बताकर नाम जोस विलियम बताया। बासु की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। उन बैंक खातों की पड़ताल की गई, जिनमें रकम ट्रांसफर हुई थी। जांच के बाद टीम ने खानपुर से आरोपियों को दबोच लिया। दीपक और कुलदीप दोनों सगे भाई हैं। दीपक जोस विलियम बनकर पीड़ित से बात करता था। इन लोगों ने न्यू अशोक नगर में फर्जी कॉल सेंटर बनाया हुआ था।