फरीदाबाद। सूरजकुंड क्षेत्र में अरावली की पहाड़ी के बीच पत्थरों के खनन से बनी झील जानलेवा बन गई हैं। बृहस्पतिवार दोपहर को भी सेक्टर-31 फायर स्टेशन के कर्मियों ने गुरुकुल के पास स्थित झील से एक युवक का शव बरामद किया है। उसकी पहचान पल्ला गांव के रहने वाले रणजीत पुत्र राजबीर के रूप में की गई हे। पुलिस ने उसका पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजन को सौंप दिया है।
सेक्टर-31 फायर स्टेशन के सहायक फायर स्टेशन अधिकारी कपिल कुमार ने बताया कि उन्हें कंट्रोल रूम से किसी व्यक्ति के झील में डूबने की सूचना मिली थी। इसके बाद फायर कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर रेस्क्यू किया। उनकी टीम के लायकराम, हरवीर, जोगिंदर और सुमित ने पानी से रणजीत का शव बरामद किया।
बीते एक सप्ताह में अलग-अलग झील में डूबने से चार लोग अनंगपुर निवासी 15 वर्षीय हर्ष, तुगलकाबाद दिल्ली के रहने वाले सत्येंद्र उर्फ बंटी, सुनील पुत्र रतनपाल और अब पल्ला गांव निवासी रणजीत की मौत हो चुकी है। इन झीलों के आसपास सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए गए हैं। यहां वन विभाग और जिला प्रशासन द्वारा किसी प्रकार का नोटिस बोर्ड नहीं लगाया गया है।
झील की गहराई का अंदाजा नहीं होने पर हो रहे हादसे
सूरजकुंड में घूमने आने वाले लोगों को झील की गहराई के बारे में पता नहीं होता है। जिसके कारण वह नहाते समय गहरे पानी में चले जाते हैं। इससे उनकी मौत हो जाती है। सूरजकुंड थाना प्रभारी अमन कुमार ने बताया कि लोगों से कई बार अपील कर चुके हैं झील में उतरना खतरनाक है। वह झील की तरफ न जाएं। लेकिन ग्रामीण मानने के लिए तैयार नहीं हैं। जिसके कारण इस तरह के हादसे हो रहे हैं।