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Faridabad News: जलभराव से हुई फजीहत, निगम पानी निकासी केंद्रों को दुरुस्त कराने में जुटा

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-हाईवे के पानी के लिए पांच डिस्पोजल केंद्र की क्षमता बढ़ाई, 10 करोड़ होंगे खर्च

अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। हाल ही में झमाझम बारिश से शहर में जलभराव से हुई किरकिरी के बाद नगर निगम डिस्पोजल (पानी बाहर निकालने की प्रणाली) प्रणाली को दुरुस्त करने में जुट गया है। सीवर और बारिश के पानी के डिस्पोजलों में मोटर और जेनसेट की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा हाईवे के पानी के लिए पांच डिस्पोजल केंद्रों को अलग से तैयार किया जा रहा है। निगम इस पर करीब दस करोड़ रुपये खर्च करेगा।
कुछ दिन पहले हुई बारिश में कॉलोनियों, सेक्टरों और दिल्ली-मथुरा हाईवे पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हुई थी। इस पर निगम आयुक्त ने कार्यकारी अभियंताओं को जलभराव वाली जगहों का मुआयना कर स्थाई समाधान तलाशने को कहा था। इसके बाद अभियंता शाखा ऐसे जगहों की पहचान कर पानी निकासी में जुट गया है। दूसरी ओर एनएचआई भी प्रमुख चौक पर बारिश के पानी की निकासी के इंतजाम करा रहा है। हाईवे पर पानी निकासी के लिए पाइपलाइन को नगर निगम के ड्रेनेज से जोड़ा जा रहा है। इसके लिए ट्रेंचलेस विधि यानि बिना सड़क की खोदाई किए मशीन से पाइप डाले जा रहे हैं। एनएचएआई हाईवे पर अजरौंदा चौक, बाटा चौक, नीलम व बल्लभगढ़ समेत अन्य प्रमुख जगहों पर इंतजाम करा रहा है। निगम बारिश के पानी को गुरुग्राम नहर में डालेगा। इसके लिए सेक्टरों में डिस्पोजलों को ड्रेनेज लाइन से जोड़ा गया और इसकी सफाई कराई गई। इसके अलावा हाईवे के प्रमुख चौक पर जमा होने वाले पानी को नगर निगम की ड्रेनेज लाइन में भेजा जाएगा। इस कार्य को एनएचएआई द्वारा कराया जा रहा है।
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छह डिस्पोजल केंद्र के मोटर और जेनसेट की क्षमता बढ़ी
ओल्ड फरीदाबाद जोन में निगम हाईवे व सेक्टरों में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए सीवर और बरसाती पानी के ड्रेनेज के डिस्पोजल केंद्रों को दुरुस्त करने में जुट गया है। नगर निगम के कार्यकारी अभियंता सुशील ठाकरान ने बताया कि सेक्टर 17, 18, 14,13, 8 व 9 डिस्पोजलों को पहले से बेहतर कराया जा रहा है। इन जगहों पर दो व तीन डिस्पोजल केंद्र हैं। मोटरों की संख्या और जेनसेट को पहले से बेहतर किया जा रहा है। सेक्टर 14 के केंद्र पर गड़बड़ी थी, इसे सोमवार को ठीक कराया जा रहा है। लाइन में फंसी प्लेट को निकाला गया है। निगम अभी तक इन केंद्रों पर दो करोड़ रुपये का काम करा चुका है। इसके अलावा दस करोड़ रुपये का अलग से कार्य करने का एस्टीमेट बनाया गया है। वहीं, सेक्टर 17 में जेनसेट के बिजली के कनेक्शन ले लिया गया है। निगम ने इन केंद्रों की करीब 17-20 फीसदी क्षमता बढ़ाई। सेक्टर चार व सात डिस्पोजल की क्षमता को सेक्टरों के लिए बढ़ाया जा रहा है।
जलभराव वाली जगहों पर उठाए जा रहे कदम
हाईवे पर नीलम मेट्रो स्टेशन से और बाटा फ्लाईओवर तक 900 एमएम की पाइप लाइन लंबे समय से बंद है। इससे पानी निकासी की समस्या रहती है। इस पर मंगलवार या बुधवार से काम शुरू होगा। मेट्रो के पिलर कार्य के कारण बीच में लाइन टूट गई है। निगम की योजना है कि इसकी सफाई से हाईवे पर जलभराव की समस्या दूर होगी। इसके अलावा सर्किट रोड पर जलभराव की समस्या रहती है, यहां पर नई लाइन डाली जा रही है। बीपीटीपी पुल पर अब जलभराव कम हो गया है। डीसी आवास के पर पानी जमा होता है। यहां पर एफएमडीस के कार्य के कारण लाइन टूटी हुई है, इसे ठीक होने पर जलभराव नहीं होगा। अजरौंदा चौक पर एफएमडीए ने लाइन डलवा दी है। एनआईटी और बल्लभगढ़ क्षेत्र में भी जलभराव वाली जगहों पर कदम उठाए जा रहे हैं। इन जगहों पर डिस्पोजलों और नालों की सफाई कराई जा रही है।
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हाईवे पर जल निवासी के लिए पांच डिस्पोजलों को तैयार कराया जा रहा है। दो करोड़ रुपये से मोटरों और जेनसेट की क्षमता को बढ़ाया गया है। इसके अलावा अन्य कार्य भी कराए जा रहे हैं। हाल में हुई बारिश के आधार पर जलभराव वाली जगहों पर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
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-सुशील ठाकरान, कार्यकारी अभियंता डिवीजन तीन

रेलवे अंडरपासों के अलावा अन्य जगहों पर ज्यादा जलभराव की समस्या नहीं रही। शहर के प्रमुख डिस्पोजलों को ठीक कराया जा रहा है। अंडरपासों के लिए भी कदम उठाए जा रहे हैं।
ओमबीर सिंह, एसई नगर निगम
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