यूपी के आगरा निवासी रामस्नेही ने बताया कि पुत्र सुभाष काफी दिनों से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। पुलिस को दी शिकायत में उन्होंने बताया कि उनके बेटा आगरा निवासी एक महिला इंदिरा देवी से प्यार करता था। आरोप है कि इंदिरा देवी व उसका देवर सुल्तान उनको परेशान कर रहा था। 19 जून को वह अपने मामा रविंद्र के घर बल्लभगढ़ की सुभाष कॉलोनी आ गया। 20 जून की सुबह उनके पास साले रविंद्र का फोन आया कि सुभाष ने आत्महत्या कर ली है।
सुभाष ने मरने से पहले उनके भतीजे राकेश के पास एक सुसाइड नोट, कॉल रिकॉर्डिंग और लड़की का फोटो सोशल मीडिया के जरिये रात करीब ढाई बजे भेजा। राकेश ने मैसेज सुबह 6 बजकर 49 मिनट पर देखा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सुभाष ने आत्महत्या सुबह करीब चार बजे की। वह चौथी कक्षा तक पढ़ा हुआ था। इसलिए सुसाइड नोट में टूटी-फूटी भाषा का प्रयोग करके उसने महिला इंदिरा देवी और उसके देवर सुल्तान को मौत का जिम्मेदार बताया।