हर की पौड़ी से 12 जुलाई को उठाया जल, पलवल के प्रकाश विहार के मंदिर में करेंगे अर्पित
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। कांवड़ यात्रा अब अंतिम चरण में हैं। जिले से काफी संख्या में भक्त कांवड़ लेकर गुजर रहे हैं। वहीं कुछ लोग समय से पहले अपने स्थान पर पहुंचकर मंदिरों में आराम कर रहे हैं। इस दौरान कुछ लोग कांवड़ अकेले लेकर आ रहे हैं तो कुछ अपने पिता, दादा, नानी व मां के साथ लेकर आ रहे हैं। इस बार पलवल के एक परिवार की तीन पीढ़ी एक साथ जलाभिषेक करेंगी।
पलवल के प्रकाश कॉलोनी में रहने वाले रामदत्त ने बताया कि वह पहले भी कांवड़ लेकर आ चुके थे लेकिन इस बार वह अपने परिवार के साथ कांवड़ लेने के लिए गए थे। उन्होंने बताया कि इस बार वह अपनी पत्नी मिथलेश, बेटी बीना देवी और नाती नीतू के साथ कांवड़ लेने के लिए घर से निकले थे। सभी ने एक साथ 12 जुलाई की सुबह जल उठाया था। उसके बाद से वह अपनी यात्रा करते हुए 21 जुलाई को आईएमटी चौक पर बने शिविर में पहुंचे। इस दौरान उनको कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा लेकिन भोले की कृपा से अब उनकी यात्रा अंतिम चरण पर है। बुधवार को वह पूरे परिवार के साथ पलवल के प्रकाश विहार के मंदिर में जलाभिषेक करेंगे।
8 साल का बेटा लाया पिता के साथ कांवड़
गांव अमरपुर पलवल निवासी जय ने बताया कि उनकी उम्र 8 साल है। वह अपने पिता हेमराज के साथ पहली बार कांवड़ लेकर आ रहे हैं। उनके पिता तीसरी बार कांवड़ लेकर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उसने अपने पिता के साथ 14 जुलाई की सुबह हर की पौड़ी से जल उठाया था। उन्होंने भोले से कोई मन्नत नहीं मांगी बस उनका मन था इसलिए वह भोले की सेवा करने के लिए गए थे। अगर भगवान ने चाहा तो वह अगले साल भी वह कांवड़ लेने के लिए जाएंगे।
दादा के साथ गया आरव
पलवल बामनी खेड़ा निवासी गिरिराज ने बताया कि वह इस बार अपने 9 साल के पोते आरव के साथ कांवड़ लेकर आ रहे हैं। उनके साथ उनका भतीजा ब्रह्मपाल, संत रात और बलबीर है। सभी ने 14 जुलाई को जल उठाया था। अब वह फरीदाबाद के आईएमटी चौक पहुंच गए हैं। उन्होंने बताया कि उनका पोता पढ़ाई में कमजोर है इसलिए इस बार उनका पोता उनके साथ जल लेने के लिए गया था। भोले की कृपा रही तो अब उनके पोते का मन पढ़ाई में लग जाएगा।