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Faridabad News: किराये के भवनों में संवर रहा बच्चों का भविष्य

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1200 में से 850 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र किराये के भवनों में चल रहे, नहीं मिल रहीं सुविधाएं
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सूरज कुमार
फरीदाबाद। जिले में संचालित कई आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। बड़ी संख्या में केंद्र जर्जर भवनों और किराये के टिन शेड में चल रहे हैं, जहां न तो बच्चों के बैठने की समुचित व्यवस्था है और न ही खेलने के लिए सुरक्षित स्थान। इसका सीधा असर बच्चों की उपस्थिति और उनकी रुचि पर पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार जिले में 1200 से अधिक आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से 850 से अधिक केंद्र किराये के भवनों में चल रहे हैं, जबकि 200 से अधिक सरकारी भवनों में संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा विभाग के पास जिले में केवल 207 स्वयं के आंगनबाड़ी भवन उपलब्ध हैं। इन आंकड़ों से साफ है कि अधिकांश केंद्र अभी भी अस्थायी और अनुपयुक्त भवनों पर निर्भर हैं।
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कई स्थानों पर आंगनबाड़ी केंद्र टिन शेड या छोटे कमरों में संचालित हो रहे हैं, जहां गर्मी, बारिश और सर्दी के मौसम में बच्चों और कार्यकर्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। फर्श पर बैठने की मजबूरी, शौचालय और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी तथा खेल सामग्री का अभाव बच्चों के सर्वांगीण विकास में बाधा बन रहा है।

अभिभावकों का कहना है कि खराब भवनों की वजह से वे अपने बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र भेजने में हिचकिचाते हैं। कई केंद्रों में पर्याप्त रोशनी और हवा की व्यवस्था नहीं होने से बच्चों का लंबे समय तक वहां रुकना मुश्किल हो जाता है। इससे पोषण आहार, प्रारंभिक शिक्षा और टीकाकरण जैसी सेवाओं का लाभ भी प्रभावित हो रहा है।

सरकारी स्कूलों में स्थानांतरित करने की है योजना

विभागीय अधिकारियों के अनुसार इस समस्या के समाधान के लिए योजना बनाई जा रही है। किराये पर चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों या नजदीकी सरकारी स्कूलों में संचालित करने पर काम किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि जिन क्षेत्रों में यह संभव होगा, वहां एक किलोमीटर के दायरे में स्थित सरकारी स्कूलों में आंगनबाड़ी केंद्र स्थानांतरित किए जाएंगे।

अधिकारियों का कहना है कि इससे बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। साथ ही, भविष्य में नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के प्रस्ताव भी तैयार किए जा रहे हैं। यदि योजनाएं समय पर लागू होती हैं, तो जिले के हजारों बच्चों को बेहतर शिक्षा और पोषण सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।
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वर्जन-
आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी भवनों में शिफ्ट करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसके लिए बड़खल विधायक को 17 आंगनबाड़ी केंद्रों की सूची भेजी गई है। जैसे ही प्रस्ताव पास होता है, आंगनबाड़ी केंद्रों को शिफ्ट कर दिया जाएगा। - मीनाक्षी चौधरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग
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