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आतंकवादी फंडिंग मामला: फरीदाबाद के वकील के घर नौ घंटे चली जांच, खुद को मरा घोषित कर चुका नक्सली नेता गिरफ्तार

Mon, 11 Apr 2022 11:20 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद

सार

अधिकारियों ने बताया कि एसआईए ने रविवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में तीन स्थानों पर, फरीदाबाद में एक और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में दो ठिकानों पर छापे मारे। छापे में अपराध की ओर संकेत करने वाले डिजिटल साक्ष्य, सिमकार्ड, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं।
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आतंकवाद फंडिंग मामले में जम्मू-कश्मीर राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने रविवार को फरीदाबाद के शिव दुर्गा विहार लकड़पुर में एक वकील के घर छापेमारी की। वकील पटियाला हाउस कोर्ट में वकालत की प्रैक्टिस करता है। जम्मू-कश्मीर एसआईए सुबह करीब 5 बजे वकील के घर पहुंची।

जैश से जुड़े व्यक्ति के मुकदमे में लगाया था वकालतनामा

सूत्रों के मुताबिक वकील ने दिल्ली में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े एक व्यक्ति के मुकदमे में अपना वकालतनामा लगाया था। आरोपी ने वकील को एक झगड़े का केस लड़ने के लिए कहा था। एसआईए ने जैश-ए-मोहम्मद के एक सदस्य को पकड़ा पूछताछ में वकील का नाम सामने आया है।

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एसआईए जांच कर रही है कि आतंकी फंडिंग में वकील का कितना हाथ है। एसआईए ने करीब नौ घंटे तक वकील के घर में जांच की है। इस दौरान वकील के लैपटाप व मोबाइल खंगाले गए। घर की तलाशी ली गई। वकील व उसके परिवार के सदस्यों से लंबी पूछताछ की गई। जांच में वकील के पास से ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला जिसमें वकील का आतंकवादी फंडिंग से कोई जुड़ाव होता हो। दोपहर करीब 2 बजे एसआईए लौट गई। 

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रविवार को शहर के कुछ इलाकों में सक्रिय रही जांच एजेंसियां 

फरीदाबाद में आतंकी फंडिंग मामले की जांच में जुटी जम्मू कश्मीर की स्पेशल इन्वेस्टिगेटिंग अथॉरिटी के फरीदाबाद में होने की सूचना पर जिले की पुलिस सक्रिय रही। सूत्रों के मुताबिक जम्मू की जांच एजेंसी सूरजकुंड इलाके के क्षेत्र में आई थी।

शनिवार देर रात दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने नाम और पहचान बदलकर फरीदाबाद में रह रहे बिहार के 60 वर्षीय एक नक्सली नेता को पुल प्रह्लादपुर इलाके से गिरफ्तार किया गया है। नक्सली नेता ने 26 साल पहले बिहार में एक पुलिस अधिकारी की हत्या कर दी थी।

2002 में हुए ट्रेन हादसे में खुद को किया मरा हुआ घोषित

पुलिस से बचने के लिए 2002 में एक ट्रेन हादसे में खुद को मरा घोषित करवाते हुए नकली दाह संस्कार भी करवाया दिया था। उस पर  1 लाख रुपये का इनाम भी घोषित था। सूचना थी कि पटना निवासर आरोपी 1990 दशक का नेता है। वर्तमान में फर्जी नाम और पहचान के साथ फरीदाबाद में रह रहा था। आरोपी से उसकी पत्नी का एक आधार कार्ड भी बरामद किया गया है। मामले की जांच के लिए जम्मू कश्मीर की टीम शहर में आई थी। इसी बीच शहर के एक मुस्लिम अधिवक्ता को भी हिरासत में बात सामने आई, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई। स्थानीय पुलिस के अधिकारी इस बारे में बात करने से इंकार कर रहे हैं। 
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